पेट्रोग्लिफ़ (Petroglyphs) क्या हैं?

2025

पेट्रोग्लिफ़ (Petroglyphs) क्या हैं?

Answer: D. चट्टानों की सतह पर उत्कीर्णन, कूटना, हथौड़े से मारना, छेनी से तराशना या खोदनासंकल्पना — शैल-कला का वर्गीकरण कैसे किया जाता है। प्राकृतिक शैल-पृष्ठ पर बनाया गया प्रत्येक चिह्न दो वर्गों में से किसी एक में आता है और उनके बीच अंतर इस बात…

  1. A.

    पत्थर से बनी मूर्तियाँ

  2. B.

    गुफा की दीवारों पर चित्रकारी

  3. C.

    प्राकृतिक पदार्थों से बने आभूषण

  4. D.

    चट्टानों की सतह पर उत्कीर्णन, कूटना, हथौड़े से मारना, छेनी से तराशना या खोदना

Attempted by 75 students.

Show answer & explanation

Correct answer: D

संकल्पना — शैल-कला का वर्गीकरण कैसे किया जाता है। प्राकृतिक शैल-पृष्ठ पर बनाया गया प्रत्येक चिह्न दो वर्गों में से किसी एक में आता है और उनके बीच अंतर इस बात से निर्धारित होता है कि स्वयं शिला के साथ क्या किया जाता है। अपचयी तकनीक में शिला से पदार्थ हटाया जाता है, इसलिए अभिकल्प पृष्ठ के भीतर बनता है। योगात्मक तकनीक में शिला के ऊपर कोई पदार्थ लगाया जाता है, इसलिए अभिकल्प पृष्ठ पर बनता है। हटाई गई सामग्री बनाम जोड़ी गई सामग्री ही इस वर्गीकरण का संपूर्ण आधार है।

अनुप्रयोग — शब्द का अर्थ समझना। यह पद यूनानी शब्द पेट्रा अर्थात "चट्टान" और ग्लिफ़ीन अर्थात "उत्कीर्ण करना" से बना है। अतः पेट्रोग्लिफ़ (petroglyph) ऐसा कोई भी अभिकल्प है, जिसे शैल-पृष्ठ के किसी भाग को हटाकर उस पर बनाया जाता है। यह निष्कासन कई विधियों से किया जाता है; ये सभी अलग-अलग औज़ारों से की जाने वाली एक ही क्रिया हैं:

  • कूटना या ठोंकना — हैमरस्टोन (hammerstone) से बार-बार प्रहार करके शिला की अपक्षयित बाहरी परत को चूर्णित और हल्के रंग का कर दिया जाता है।

  • कुरेदना या छेनी से काटना — अधिक कठोर पत्थर की नोक या धातु का औज़ार शैल-पृष्ठ के भीतर तक एक रेखा काटता है।

  • अपघर्षण या घिसाई — पृष्ठ को तब तक रगड़ा जाता है, जब तक उसमें चिकनी और गहरी खाँच न बन जाए।

  • खोदकर निकालना — शिला पर प्रहार करके उसमें क्यूप्यूल (cupule) कहलाने वाला एक कटोरीनुमा गड्ढा बनाया जाता है।

भेद — निकट प्रतीत होने वाली तीन अन्य श्रेणियाँ। अन्य प्रत्येक वर्णन किसी वास्तविक वस्तु को निर्दिष्ट करता है, किंतु वह ऐसी वस्तु है जिसे पेट्रोग्लिफ़ पद के अंतर्गत नहीं रखा जाता:

विवरण

वास्तव में यह क्या है

गुफा की दीवारों पर चित्रकारी

पिक्टोग्राफ़ (pictograph): शिला पर लगाया गया लाल गेरू, काष्ठ-कोयला या सफ़ेद काओलिन जैसा वर्णक। यह योगात्मक होता है और रंग की परत झड़ सकती है।

पत्थर से निर्मित मूर्तियाँ

मूर्तिकला: पत्थर को त्रि-आयामी आकृति में गढ़ना — स्वतंत्र रूप में, उभारदार (relief) रूप में, अथवा शैल-भित्ति से काटकर। यहाँ आकृति स्वयं देखी जाती है, न कि शैल-पृष्ठ में उकेरा गया कोई अभिकल्प।

प्राकृतिक सामग्रियों से बने आभूषण

सीप, अस्थि, हाथीदाँत या पत्थर के मनकों से बने सुवाह्य शारीरिक आभूषण। यह पुरावस्तुओं का एक वर्ग है, पृष्ठीय कला नहीं।

प्रति-जाँच — भारतीय शैल-कला में दोनों को पृथक रखा जाता है। दरकी-चट्टान (Daraki-Chattan) (भानपुरा, मध्य प्रदेश) के क्यूप्यूल और एडक्कल गुफाओं (वायनाड, केरल) के शैलोत्कीर्णन शिला के भीतर काटकर बनाए गए हैं, इसलिए वे पेट्रोग्लिफ़ हैं। भीमबेटका के गेरू से बने आखेट-दृश्य शिला पर चित्रित हैं, इसलिए वे पिक्टोग्राफ़ हैं। एक ही स्थल पर दोनों प्रकार हो सकते हैं और नाम का निर्धारण तकनीक से होता है—शिला के भीतर काटकर बनाया गया है या उसके ऊपर पदार्थ लगाकर।

परिणाम। पेट्रोग्लिफ़ों से मेल खाने वाला वर्णन है—शैल-पृष्ठों पर उत्कीर्णन, कूटना, हथौड़ा मारना, छेनी से काटना या खोदकर निकालना—इस सूची की प्रत्येक क्रिया में शिला का अंश हटाया जाता है।

Explore the full course: Uppsc Polytechnic Lecturer 2025 Cs

Loading lesson…