निम्नांकित विकल्पों में से उचित कारक चिन्ह का चयन करके वाक्य पूर्ण करें-…

2025

निम्नांकित विकल्पों में से उचित कारक चिन्ह का चयन करके वाक्य पूर्ण करें-

सुन्दरलाल बहुगुणा .... चिपको आन्दोलन चलाया।

Answer: B. नेअवधारणा: हिंदी व्याकरण में कारक वाक्य में संज्ञा/सर्वनाम का क्रिया या अन्य शब्दों के साथ सम्बन्ध दर्शाता है, और यह सम्बन्ध कारक-चिन्ह (परसर्ग) द्वारा प्रकट…

  1. A.

    के द्वारा

  2. B.

    ने

  3. C.

    का

  4. D.

    से

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Correct answer: B

अवधारणा: हिंदी व्याकरण में कारक वाक्य में संज्ञा/सर्वनाम का क्रिया या अन्य शब्दों के साथ सम्बन्ध दर्शाता है, और यह सम्बन्ध कारक-चिन्ह (परसर्ग) द्वारा प्रकट होता है। कर्ता कारक का चिन्ह सामान्यतः शून्य होता है, परन्तु जब क्रिया सकर्मक हो और वह भूतकाल के पूर्णकालिक रूप (जैसे -आ/-ई/-ए अंत) में हो, तब कर्ता के साथ ‘ने’ चिन्ह अनिवार्य रूप से लगता है।

अनुप्रयोग: दिए गए वाक्य में क्रिया ‘चलाया’ है, जो ‘चलाना’ धातु का सकर्मक भूतकालिक रूप है — इसका कर्म ‘चिपको आन्दोलन’ स्पष्ट रूप से उपस्थित है। चूँकि क्रिया सकर्मक तथा भूतकाल के पूर्णकालिक रूप में है, नियमानुसार कर्ता ‘सुन्दरलाल बहुगुणा’ के साथ ‘ने’ कारक-चिन्ह जुड़ेगा, जिससे वाक्य बनता है — ‘सुन्दरलाल बहुगुणा ने चिपको आन्दोलन चलाया।’

तुलना (अन्य विकल्प इस वाक्य-संरचना में क्यों फिट नहीं बैठते):

  • के द्वारा — यह अभिकर्ता/करण कारक का चिन्ह है, जो कर्मवाच्य रचना में प्रयुक्त होता है (जैसे ‘आन्दोलन ... के द्वारा चलाया गया’); दिए गए वाक्य में क्रिया कर्तृवाच्य रूप ‘चलाया’ में है, कर्मवाच्य रूप ‘चलाया गया’ में नहीं, अतः यह चिन्ह इस वाक्य-संरचना में फिट नहीं बैठता।

  • का — यह सम्बन्ध कारक का चिन्ह है, जो दो संज्ञाओं/सर्वनामों के बीच स्वामित्व या सम्बन्ध दर्शाता है; यहाँ कर्ता और क्रिया के बीच सम्बन्ध दर्शाने की आवश्यकता है, स्वामित्व की नहीं, अतः यह उपयुक्त नहीं है।

  • से — यह करण/अपादान कारक का चिन्ह है, जो साधन, स्रोत या पृथक्करण दर्शाता है; यहाँ कर्ता-क्रिया सम्बन्ध कर्ता कारक का है, साधन या पृथक्करण का नहीं, अतः यह भी उपयुक्त नहीं है।

परिणाम: अतः वाक्य को पूर्ण करने वाला सही कारक-चिन्ह ‘ने’ है — ‘सुन्दरलाल बहुगुणा ने चिपको आन्दोलन चलाया।’

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