निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के सटीक उत्तर…
2023
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के सटीक उत्तर दीजिए:
नारी समाज का अत्यंत महत्त्वपूर्ण अंग है। प्राचीनकाल में नारी को अत्यंत सम्मानजनक स्थान प्राप्त था। कहा जाता था कि जहाँ नारी की पूजा की जाती है, वहाँ देवता निवास करते हैं। मध्यकाल में नारी का महत्त्व कुछ कम हो गया। 'यत्र नार्यस्तु पूज्यते रयंते तत्र देवता' वाले देश में उसको भोग की वस्तु बना दिया गया। तब नारी आर्थिक दृष्टि से स्वतंत्र नहीं थी। वह पराधीन थी अतः उसके अधिकारों में कटौती होती चली गई। समाज में पुरुष वर्ग को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल जाने से एक प्रकार का पूँजीपतित्त्व ही प्राप्त हो गया। उसने नारी को कठिन बंधनों में बाँधकर रखने का हर संभव प्रयास किया।
Q. मध्यकाल में नारी का सम्मान कम होने लगा था क्योंकि :
Answer: B. पुरुषवर्ग को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल गया — मुख्य कारण: मध्यकाल में नारी का सम्मान कम होने का प्रमुख कारण यह था कि पुरुषों को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल जाने से नारी आर्थिक रूप से पराधीन हो गई। पाठ में…
- A.
पुरुषवर्ग अहंकारी हो गया
- B.
पुरुषवर्ग को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल गया
- C.
नारी को सौंदर्य के कारण अहंकार हो गया था
- D.
स्त्री पुरुष में बौद्धिकता की दृष्टि से भेद किया जाने लगा
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Correct answer: B
मुख्य कारण: मध्यकाल में नारी का सम्मान कम होने का प्रमुख कारण यह था कि पुरुषों को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल जाने से नारी आर्थिक रूप से पराधीन हो गई।
पाठ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नारी आर्थिक दृष्टि से स्वतंत्र नहीं थी और वह पराधीन थी, अतः उसके अधिकारों में कटौती होती चली गई।
उपार्जन का उत्तरदायित्व पुरुषों के पास आ जाने से समाज में पुरुषों का नियंत्रण बढ़ा और नारी को कठिन बंधनों में बाँधने का प्रयास हुआ।
इस आर्थिक और सामाजिक बदलाव के परिणामस्वरूप नारी का सम्मान घटा।
सटीक विकल्प: वह वाक्यांश जो कहता है "पुरुषवर्ग को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल गया" सही है क्योंकि यही पाठ में दिए गए कारण से मेल खाता है।
क्यों बाकी विकल्प गलत हैं:
पुरुषों का अहंकारी होना पाठ में नहीं कहा गया; यह कथन समर्थनहीन है।
नारी का सौंदर्य और उससे उत्पन्न अहंकार पाठ का हिस्सा नहीं है।
बौद्धिकता के आधार पर भेदभाव का उल्लेख भी पाठ में नहीं मिलता; कारण आर्थिक नियंत्रण और पराधीनता बताया गया है।