निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के सटीक उत्तर…
2023
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के सटीक उत्तर दीजिए:
आधुनिक युग में नारी को जहाँ आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त हुई है यहीं उसके लिए नई समस्याएँ भी उभर कर सामने आई है। आर्थिक स्वतंत्रता के बिना स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं रह जाता। इससे उसके अधिकार बढ़े हैं, पर नई जिम्मेदारियों भी उस पर लद गई हैं। वह इन समस्याओं को सुलझाने के प्रयास में ली हुई है। नौकरी करना आज उसकी जीविका का साधन है। नोकरी उसे स्वावलंबन प्रदान करती है। नारी मातृत्व और करुणा की सजीव मूर्ति है। यदि वह अपने घर-परिवार को छोडकर बाहर नौकरी करने जाती है, तो इसका एकमात्र कारण उस पर आर्थिक दबाव है। उसे नौकरी इसलिए करनी पड़ती है ताकि वह अपने घर-परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सके। नौकरी से जिसकी दूसरों पर आर्थिक निर्भरता समाप्त होती है। यही आर्थिक स्वतंत्रता उसे शारीरिक एवं मानसिक यंत्रणा झेलने को विवश करती है। आज भी कार्यस्थल नारी के लिए अपेक्षित सुविधाएँ प्रदान नहीं करते । अधिकांश स्थानों पर कार्यालयों में पुरुषों की प्रधानता दिखाई देती है। वह घर से बाहर भी असहज और असुरक्षित महसूस करती है।
नारी किस कारण से घर–परिवार को छोड़कर बाहर नौकरी पर जाती है?
Answer: A. आर्थिक दबाव के कारण — सही उत्तर: आर्थिक दबाव के कारण व्याख्या: पाठ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि महिला घर‑परिवार छोड़कर बाहर नौकरी करने जाती है, तो इसका एकमात्र कारण उस पर…
- A.
आर्थिक दबाव के कारण
- B.
चेतन के कारण
- C.
आज़ादी के कारण
- D.
समानता के कारण
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Correct answer: A
सही उत्तर: आर्थिक दबाव के कारण
व्याख्या: पाठ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि महिला घर‑परिवार छोड़कर बाहर नौकरी करने जाती है, तो इसका एकमात्र कारण उस पर आर्थिक दबाव होता है। नौकरी से वह अपने घर‑परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारती है और दूसरों पर निर्भरता समाप्त करती है।
नौकरी का प्रत्यक्ष कारण: पाठ में कहा गया है कि बाहरी नौकरी का मुख्य और प्रत्यक्ष कारण महिला पर मौजूद आर्थिक दबाव है।
नौकरी से मिलने वाले लाभ का उल्लेख है (स्वावलंबन, अधिकार), पर ये नौकरी पर जाने के परिणाम/प्रभाव हैं, न कि पाठ में दिये गए प्रारम्भिक कारण।
अन्य संभावित कारणों का खण्डन:
पाठ में 'चेतन' (सामाजिक जागरूकता) को नौकरी का कारण नहीं बताया गया।
पाठ में 'आज़ादी' की चर्चा आर्थिक स्वतंत्रता के सन्दर्भ में आई है, पर नौकरी पर जाने का प्रत्यक्ष कारण आर्थिक दबाव दिखाया गया है, न कि केवल आज़ादी की चाह।
पाठ में 'समानता' को नौकरी पर जाने का कारण नहीं कहा गया; बल्कि कार्यस्थल की कठिनाइयों और पुरुष‑प्रधानता का जिक्र है।