निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसपर आधारित प्रश्न का सटीक उत्तर दीजिए। कबीरदास…
2023
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसपर आधारित प्रश्न का सटीक उत्तर दीजिए।
कबीरदास अपने गुरु का बड़ा सम्मान करते थे। उनका कहना था कि मनुष्य को सदगुरु बड़ी कठिनाई से प्राप्त होता है। इसीलिए गुरु को ईश्वर से भी अधिक आदर करना चाहिए। गुरु तो कुम्हार के समान है। जिस प्रकार घड़े को बनाने में कुम्हार मिट्टी के कंकड़-पत्थर पहले निकालकर फेंक देता है फिर उसी मिट्टी से अपना घड़ा बनाता है, उसी प्रकार शिष्य के चरित्र बनाने में सदगुरु उसके अवगुणों को दूर कर देता है।
कबीर का मानना था कि सदगुरु —
Answer: B. कठिनाई से मिलता है — सही उत्तर: कठिनाई से मिलता है आधार (पाठ से संकेत): पाठ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मनुष्य को सदगुरु बड़ी कठिनाई से प्राप्त होता है। कबीर ने गुरु की मिसाल…
- A.
किसी को भी बनाया जा सकता है
- B.
कठिनाई से मिलता है
- C.
आसानी से मिलता है
- D.
नहीं मिलता है
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Correct answer: B
सही उत्तर: कठिनाई से मिलता है
आधार (पाठ से संकेत): पाठ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मनुष्य को सदगुरु बड़ी कठिनाई से प्राप्त होता है।
कबीर ने गुरु की मिसाल कुम्हार से दी है: जैसे कुम्हार मिट्टी से कंकड़-पत्थर निकालकर घड़ा बनाता है, वैसे ही सदगुरु शिष्य के अवगुण हटाकर उसका चरित्र बनाते हैं।
यह तुलना बताती है कि सदगुरु का काम कठिन और सूक्ष्म है; इसलिए वे आसानी से नहीं मिलते।
निष्कर्ष के रूप में, पाठ का स्पष्ट संदेश यही है कि सदगुरु कठिनाई से मिलता है।