बंगाल और बिहार में सूर वंश नामक वंश की स्थापना किसने की?

2025

बंगाल और बिहार में सूर वंश नामक वंश की स्थापना किसने की?

Answer: A. शेरशाहमध्यकालीन भारत में किसी नए राजवंश (साम्राज्य) की 'स्थापना' का अर्थ है किसी नई, स्वतंत्र शासन-व्यवस्था की नींव रखना और स्वयं को सम्राट/शासक घोषित करना — यह…

  1. A.

    शेरशाह

  2. B.

    गाज़ी मलिक

  3. C.

    गियासुद्दीन

  4. D.

    बैरम खान

Attempted by 177 students.

Show answer & explanation

Correct answer: A

मध्यकालीन भारत में किसी नए राजवंश (साम्राज्य) की 'स्थापना' का अर्थ है किसी नई, स्वतंत्र शासन-व्यवस्था की नींव रखना और स्वयं को सम्राट/शासक घोषित करना — यह प्रायः (सदैव नहीं) किसी विद्यमान शासक को सैन्य रूप से पराजित करके होता है; परंतु किसी शासक के अधीन केवल सेनापति, गवर्नर या संरक्षक (रीजेंट) के रूप में कार्य करना इसके लिए पर्याप्त नहीं है।

शेरशाह सूरी ने बिहार में अपनी सत्ता संगठित करने के पश्चात लगभग 1538 ई. में बंगाल पर भी अधिकार कर लिया था। इसके बाद 1539 ई. के चौसा युद्ध में मुगल सम्राट हुमायूँ को हराकर उसने स्वतंत्र (शाही) सत्ता की घोषणा की, और 1540 ई. के कन्नौज (बिलग्राम) युद्ध में हुमायूँ को निर्णायक रूप से पराजित कर दिल्ली की गद्दी पर बैठते हुए सूर वंश (1540-1555 ई.) की स्थापना पूर्ण की।

  • गाज़ी मलिक — यह तुगलक वंश के संस्थापक गियासुद्दीन तुगलक का मूल नाम था; उसने 1320 ई. में दिल्ली सल्तनत में तुगलक वंश की एक अलग नींव रखी थी, सूर वंश की स्थापना से लगभग दो शताब्दी पूर्व।

  • गियासुद्दीन — गाज़ी मलिक का ही शासकीय नाम, जिसने तुगलक वंश की स्थापना की; सूर वंश की स्थापना से इसका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं।

  • बैरम खान — यह अकबर के प्रारंभिक शासनकाल (1556-1560 ई.) में एक शक्तिशाली मुगल संरक्षक (रीजेंट) था, न कि किसी राजवंश का संस्थापक।

अतः बंगाल और बिहार में सूर वंश की स्थापना शेरशाह (सूरी) ने ही की थी।

Explore the full course: Ssc Cgl Tier 1

Loading lesson…