कक्षा में विद्यार्थियों की गृह भाषा (home language) का उपयोग ________ को…
2025
कक्षा में विद्यार्थियों की गृह भाषा (home language) का उपयोग ________ को बढ़ावा देता है।
Answer: D. सांस्कृतिक समावेशन और उचित अवगाहन-शक्ति — राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और NCERT के मूलभूत स्तर हेतु पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) के अनुसार, प्रारंभिक कक्षाओं में शिक्षण का माध्यम विद्यार्थी की गृह…
- A.
अधिगम के परिणामों में कमी
- B.
सामाजिक अपवर्जन
- C.
शिक्षण में संभ्रम
- D.
सांस्कृतिक समावेशन और उचित अवगाहन-शक्ति
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Correct answer: D
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और NCERT के मूलभूत स्तर हेतु पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) के अनुसार, प्रारंभिक कक्षाओं में शिक्षण का माध्यम विद्यार्थी की गृह भाषा या मातृभाषा होना चाहिए। यह सिद्धांत भाषिक अन्तर्निर्भरता (linguistic interdependence) की अवधारणा पर आधारित है — जब नई अवधारणाओं को परिचित भाषा-संरचना से जोड़ा जाता है, तो बच्चे उन्हें अधिक गहराई से आत्मसात कर पाते हैं, और साथ ही कक्षा में उनकी भाषिक-सांस्कृतिक पहचान को मान्यता मिलती है।
प्रस्तुत प्रश्न में गृह भाषा के उपयोग से होने वाले परिणाम के विषय में पूछा गया है। उपरोक्त सिद्धांत के अनुसार गृह भाषा का प्रयोग विद्यार्थियों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को कक्षा-प्रक्रिया में स्थान देकर सांस्कृतिक समावेशन को बढ़ावा देता है, तथा परिचित भाषा-संरचना के माध्यम से नई अवधारणाओं की उचित अवगाहन-शक्ति (गहन बोध क्षमता) को सुदृढ़ करता है। अतः 'सांस्कृतिक समावेशन और उचित अवगाहन-शक्ति' को दर्शाने वाला विकल्प ही उपरोक्त नीति-सिद्धांत से सुसंगत है।
'अधिगम के परिणामों में कमी' — शोध प्रमाण इसके विपरीत दिशा को दर्शाते हैं: गृह भाषा में शिक्षण से बच्चों की समझ और प्रतिधारण (retention) सुदृढ़ होते हैं, जिससे अधिगम-परिणाम घटने के बजाय सुधरते हैं।
'सामाजिक अपवर्जन' — गृह भाषा का प्रयोग बच्चे की पहचान को स्वीकार कर उसे कक्षा से जोड़ता है, अर्थात यह अपवर्जन (बहिष्करण) के बजाय समावेशन को प्रोत्साहित करता है।
'शिक्षण में संभ्रम' — परिचित भाषा-आधार पर नई अवधारणा प्रस्तुत करना संज्ञानात्मक भार (cognitive load) को घटाता है, जिससे भ्रम के बजाय स्पष्टता उत्पन्न होती है।
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