निम्नलिखित में से त्रिभाषा सूत्र के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
2024
निम्नलिखित में से त्रिभाषा सूत्र के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
Answer: D. सभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा मातृभाषा/घर की भाषा में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं। — त्रिभाषा सूत्र (Three-Language Formula) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में कोठारी आयोग की सिफारिश पर अपनाया गया एक भाषा-शिक्षण सिद्धांत है, जिसे NCF 2005 और NEP…
- A.
सभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा अंग्रेजी माध्यम में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
- B.
सभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा अपने राज्य की भाषा में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
- C.
सभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा राज्य भाषा हिंदी में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
- D.
सभी बच्चे अपनी विद्यालयी शिक्षा मातृभाषा/घर की भाषा में शुरू करते हैं और दसवीं पूरी करने तक कम से कम दो और भाषाएँ सीखते हैं।
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Correct answer: D
त्रिभाषा सूत्र (Three-Language Formula) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में कोठारी आयोग की सिफारिश पर अपनाया गया एक भाषा-शिक्षण सिद्धांत है, जिसे NCF 2005 और NEP 2020 में भी दोहराया गया है। इसके अनुसार विद्यालयी शिक्षा का आरंभिक माध्यम बालक की मातृभाषा/घर की भाषा होना चाहिए, क्योंकि प्रारंभिक शिक्षा उसी भाषा में सर्वाधिक प्रभावी होती है जिसमें बालक पहले से सहज है; इसके पश्चात कक्षा 10 पूर्ण होने तक बालक कम से कम दो अतिरिक्त भाषाएँ सीखता है, जिससे कुल तीन भाषाओं में दक्षता प्राप्त होती है।
प्रश्न में दिए गए चारों कथन संरचना में समान हैं—केवल आरंभिक माध्यम की भाषा में भिन्न—इसलिए उत्तर निर्धारित करने के लिए यह जांचना आवश्यक है कि त्रिभाषा सूत्र किस भाषा को आरंभिक माध्यम के रूप में निर्दिष्ट करता है। सिद्धांत के अनुसार सही विकल्प वही है जो शिक्षा की शुरुआत मातृभाषा/घर की भाषा से बताता है, क्योंकि बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र में मातृभाषा-आधारित प्रारंभिक शिक्षा को संज्ञानात्मक विकास और सीखने की सहजता के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है।
अंग्रेजी माध्यम: त्रिभाषा सूत्र अंग्रेजी को आरंभिक माध्यम के रूप में अनिवार्य नहीं करता; अंग्रेजी सूत्र की उन दो भाषाओं में सम्मिलित है जो बाद में सीखी जाती हैं।
राज्य की भाषा: राज्य की प्रशासनिक/आधिकारिक भाषा और बालक की व्यक्तिगत मातृभाषा सदैव एक समान नहीं होतीं, विशेषकर बहुभाषी अथवा प्रवासी परिवारों में।
राज्य की भाषा के रूप में हिंदी: यह मानकर चलता है कि हिंदी ही प्रत्येक राज्य की राजभाषा है, जो तथ्यतः सत्य नहीं है क्योंकि कई राज्यों की अपनी पृथक राजभाषाएँ हैं।
अतः त्रिभाषा सूत्र का सही विवरण यही है कि बालक की विद्यालयी शिक्षा मातृभाषा/घर की भाषा में शुरू होती है और कक्षा 10 पूर्ण होने तक कम से कम दो अतिरिक्त भाषाएँ सीखी जाती हैं।
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