सूची I का सूची II से मिलान कीजिए: कूट सूची I (पर्यावरणीय संधि या प्रोटोकॉल)…
2024
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए:
कूट | सूची I (पर्यावरणीय संधि या प्रोटोकॉल) | कूट | सूची II (संबद्ध क्षेत्र) |
|---|---|---|---|
A | बॉन अभिसमय | I | प्रवासी प्रजातियों का संरक्षण |
B | साइट्स | II | जैव विविधता अभिसमय |
C | आरहूस अभिसमय | III | संकटापन्न प्रजातियों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार |
D | नागोया प्रोटोकॉल | IV | सतत विकास (प्रलेखित रूपरेखा-संबंध) |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
Answer: B. A B C D I III IV II — अवधारणापर्यावरणीय विधिक साधनों का मिलान उनके प्रत्यक्ष विधिक विषय अथवा प्रलेखित रूपरेखा-संबंध की पहचान करके किया जा सकता है: वे जिन प्रजातियों का संरक्षण करते…
- A.
A
B
C
D
IV
III
II
I
- B.
A
B
C
D
I
III
IV
II
- C.
A
B
C
D
II
IV
III
I
- D.
A
B
C
D
III
I
IV
II
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Correct answer: B
अवधारणा
पर्यावरणीय विधिक साधनों का मिलान उनके प्रत्यक्ष विधिक विषय अथवा प्रलेखित रूपरेखा-संबंध की पहचान करके किया जा सकता है: वे जिन प्रजातियों का संरक्षण करते हैं, जिस गतिविधि को विनियमित करते हैं, जिन प्रक्रियात्मक अधिकारों का सृजन करते हैं, अथवा जिस मूल संधि को कार्यान्वित करते हैं।
मिलानों को संयोजित करने से पहले प्रत्येक विधिक साधन की स्वतंत्र रूप से पहचान की जानी चाहिए; केवल समान पर्यावरणीय शब्दावली पर्याप्त नहीं है।
अनुप्रयोग
बॉन अभिसमय, जिसका औपचारिक नाम वन्य जीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर अभिसमय है, प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण से संबंधित है; अतः A का मिलान I से होता है।
साइट्स संकटापन्न वन्य जीवों और पादपों के नमूनों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को विनियमित करता है; अतः B का मिलान III से होता है।
आरहूस अभिसमय प्रत्यक्षतः पर्यावरणीय सूचना तक पहुँच, जन-भागीदारी और न्याय तक पहुँच से संबंधित है। संयुक्त राष्ट्र यूरोप आर्थिक आयोग इन प्रक्रियात्मक अधिकारों को सतत विकास में योगदान के रूप में स्थापित करता है; अतः दिए गए संबंधों में C का मिलान IV से होता है।
नागोया प्रोटोकॉल पहुँच और लाभ-साझाकरण के संबंध में जैव विविधता अभिसमय का एक अनुपूरक समझौता है; अतः D का मिलान II से होता है।
विकल्पों का अंतर
A–IV, B–III, C–II, D–I में सतत विकास को बॉन तथा प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण को नागोया से संबद्ध किया गया है, जिससे इनकी संधिगत विषय-सीमाएँ उलट जाती हैं।
A–II, B–IV, C–III, D–I में साइट्स के व्यापार-संबंधी कार्य को आरहूस से तथा पुनः प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण को नागोया से संबद्ध किया गया है।
A–III, B–I, C–IV, D–II में आरहूस और नागोया के संबंधों को यथावत रखते हुए बॉन तथा साइट्स की पृथक भूमिकाओं की परस्पर अदला-बदली की गई है।
पुनःजाँच
साधन | यहाँ प्रयुक्त संबंध | कूट |
|---|---|---|
बॉन अभिसमय | प्रवासी प्रजातियों का संरक्षण | I |
साइट्स | संकटापन्न प्रजातियों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार | III |
आरहूस अभिसमय | सतत विकास (प्रलेखित रूपरेखा-संबंध) | IV |
नागोया प्रोटोकॉल | जैव विविधता अभिसमय | II |
स्वतंत्र रूप से स्थापित मिलान बॉन–I, साइट्स–III, आरहूस–IV तथा नागोया–II है।
अतः मिलान-क्रम A–I, B–III, C–IV, D–II है।