प्रासंगिकता दोष के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन निषेधात्मक रूप से…

2024

प्रासंगिकता दोष के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन निषेधात्मक रूप से प्रासंगिक हैं?

(A) कुत्ते बिल्लियाँ हैं बिल्लियाँ विडाल वंशी पशु हैं; अतः: कुत्ते विडाल वंशी पशु हैं।

(B) अलिश्या दो वर्ष की है। अतः: अलिश्या संभवतः कॉलेज जाती है।

(C) क्रिस एक औरत है। इसलिए, क्रिस को बुनाई में आनंद आता है।

(D) मार्टी उच्च विद्यालय की वरिष्ठ है। अतः: मार्टी के पास पी एच. डी. डिग्री होने की संभावना है।

(E) सभी कुत्तों के पाँच पैर होते हैं। रोवर एक कुत्ता है। इसलिए रोवर के पाँच पैर हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Answer: D. केवल (B) और (D)अवधारणाकिसी तर्क में, कोई आधार-वाक्य तब सकारात्मक रूप से प्रासंगिक होता है जब वह निष्कर्ष का समर्थन करता है, तब नकारात्मक रूप से प्रासंगिक होता है जब वह…

  1. A.

    केवल (A) और (C)

  2. B.

    केवल (C) और (E)

  3. C.

    केवल (A) और (E)

  4. D.

    केवल (B) और (D)

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Correct answer: D

अवधारणा

किसी तर्क में, कोई आधार-वाक्य तब सकारात्मक रूप से प्रासंगिक होता है जब वह निष्कर्ष का समर्थन करता है, तब नकारात्मक रूप से प्रासंगिक होता है जब वह निष्कर्ष की संभाव्यता घटाता है, और तब अप्रासंगिक होता है जब उसका निष्कर्ष से कोई संबंध नहीं होता।

नकारात्मक प्रासंगिकता का तर्कदोष तब होता है जब किसी निष्कर्ष के विरुद्ध जाने वाले आधार-वाक्य को इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है मानो वह उस निष्कर्ष का समर्थन करता हो।

अनुप्रयोग

  1. कथन (A): यदि इसके आधार-वाक्य स्वीकार कर लिए जाएँ, तो वर्गीय शृंखला निगमनात्मक रूप से अपने निष्कर्ष तक पहुँचाती है; प्रथम आधार-वाक्य के तथ्यात्मक रूप से असत्य होने के बावजूद इसकी प्रासंगिकता सकारात्मक है।

  2. कथन (B): दो वर्ष की आयु का होना महाविद्यालय में उपस्थिति की संभाव्यता घटाता है, इसलिए आधार-वाक्य निष्कर्ष के प्रति नकारात्मक रूप से प्रासंगिक है।

  3. कथन (C): तर्क में लिंग और बुनाई में आनंद के बीच कोई नियम या साक्ष्य नहीं दिया गया है; उपलब्ध सूचना के आधार पर यह आधार-वाक्य निष्कर्ष की संभाव्यता को न बढ़ाता है, न घटाता है, इसलिए यह नकारात्मक रूप से प्रासंगिक होने के बजाय अप्रासंगिक है।

  4. कथन (D): उच्च विद्यालय की अंतिम कक्षा का विद्यार्थी होना पहले से पी एच. डी. प्राप्त होने को असंभाव्य बनाता है, इसलिए आधार-वाक्य निष्कर्ष के प्रति नकारात्मक रूप से प्रासंगिक है।

  5. कथन (E): यदि दोनों आधार-वाक्य स्वीकार कर लिए जाएँ, तो निष्कर्ष निगमनात्मक रूप से अनुसरित होता है; सार्वत्रिक आधार-वाक्य के असत्य होने के बावजूद तर्क की प्रासंगिकता सकारात्मक है।

पुनः-जाँच

आधार-वाक्य और निष्कर्ष के संबंध का स्वतंत्र रूप से वर्गीकरण करने पर निम्नलिखित अंतर प्राप्त होता है:

कथन

संबंध

(A)

सकारात्मक प्रासंगिकता: निगमनात्मक वर्गीय शृंखला।

(B)

नकारात्मक प्रासंगिकता: आयु महाविद्यालय में उपस्थिति के विरुद्ध साक्ष्य है।

(C)

अप्रासंगिक: तर्क में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि लिंग बुनाई में आनंद की संभाव्यता को बढ़ाता या घटाता है।

(D)

नकारात्मक प्रासंगिकता: विद्यालयीय स्थिति पहले से पी एच. डी. प्राप्त होने के विरुद्ध साक्ष्य है।

(E)

सकारात्मक प्रासंगिकता: निगमनात्मक वर्गीय न्यायवाक्य।

अतः नकारात्मक रूप से प्रासंगिक कथन (B) और (D) हैं, इसलिए उत्तर केवल (B) और (D) है।

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