सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए: सूची I (वैज्ञानिक) सूची II (विशेषज्ञता)…
2024
सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए:
सूची I (वैज्ञानिक) | सूची II (विशेषज्ञता) |
|---|---|
A. ब्रह्मगुप्त | I. राजनीतिक रणनीति |
B. कौटिल्य | II. योग |
C. पतंजलि | III. चिकित्सक |
D. चरक | IV. गणितज्ञ |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Answer: D. A-IV, B-I, C-II, D-III — संकल्पना: शास्त्रीय भारतीय ज्ञान-परंपरा में किसी विद्वान की पहचान उसके द्वारा रचित आधारभूत ग्रंथ से होती है और वही ग्रंथ उसके ज्ञान-अनुशासन को निर्धारित करता…
- A.
A-I, B-II, C-III, D-IV
- B.
A-II, B-III, C-IV, D-I
- C.
A-III, B-IV, C-I, D-II
- D.
A-IV, B-I, C-II, D-III
Show answer & explanation
Correct answer: D
संकल्पना: शास्त्रीय भारतीय ज्ञान-परंपरा में किसी विद्वान की पहचान उसके द्वारा रचित आधारभूत ग्रंथ से होती है और वही ग्रंथ उसके ज्ञान-अनुशासन को निर्धारित करता है। इस प्रकार के सूची-मिलान प्रश्न को प्रत्येक नाम पर अलग-अलग विचार करके हल किया जाता है—पहले प्रत्येक विद्वान की प्रतिनिधि कृति का स्मरण करें, फिर उस कृति से संबद्ध ज्ञान-क्षेत्र निर्धारित करें और उसके बाद ही सही संयोजन बनाएँ।
अनुप्रयोग: सूची I के प्रत्येक नाम को उसकी प्रतिनिधि कृति से जोड़ने पर सूची II में उसका विशेषज्ञता-क्षेत्र निर्धारित हो जाता है।
वैज्ञानिक (सूची I) | प्रतिनिधि कृति | ज्ञान-क्षेत्र | सूची II की प्रविष्टि |
|---|---|---|---|
A. ब्रह्मगुप्त | ब्राह्मस्फुटसिद्धांत (628 ई.) | गणित एवं खगोलशास्त्र—शून्य, ऋणात्मक संख्याओं और द्विघात समीकरणों के व्यवस्थित नियम प्रतिपादित किए | IV. गणितज्ञ |
B. कौटिल्य (चाणक्य) | अर्थशास्त्र | राजनीतिशास्त्र—प्रशासन, अर्थव्यवस्था, कूटनीति और युद्धनीति | I. राजनीतिक रणनीति |
C. पतंजलि | योगसूत्र | योग-दर्शन—अष्टांग मार्ग को सूत्रबद्ध किया | II. योग |
D. चरक | चरकसंहिता | आयुर्वेद—कायचिकित्सा, निदान और उपचार | III. चिकित्सक |
पुनः जाँच: चारों निर्धारण प्रत्येक रोमन अंक का ठीक एक बार प्रयोग करते हैं—A के साथ IV, B के साथ I, C के साथ II और D के साथ III है—अतः न तो कोई विशेषज्ञता-क्षेत्र शेष रहता है और न ही किसी का दो बार प्रयोग होता है।
अतः सही मिलान A-IV, B-I, C-II, D-III है।