सूची I का सूची II से मिलान कीजिए: सूची I (विद्वान) सूची II (क्षेत्र) A. आर्यभट…
2024
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए:
सूची I (विद्वान) | सूची II (क्षेत्र) |
|---|---|
A. आर्यभट | I. परमाणु सिद्धांत |
B. कणाद | II. शल्यचिकित्सा |
C. सुश्रुत | III. रसशास्त्र (अल्केमी) |
D. नागार्जुन | IV. खगोलशास्त्र |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Answer: D. A-IV, B-I, C-II, D-III — अवधारणाविद्वान–क्षेत्र सुमेलन प्रश्न में प्रत्येक विद्वान की पहचान उसके स्थापित कार्य से सर्वाधिक प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध विषय के आधार पर करें। पहले असंदिग्ध…
- A.
A-I, B-II, C-III, D-IV
- B.
A-II, B-III, C-IV, D-I
- C.
A-III, B-IV, C-I, D-II
- D.
A-IV, B-I, C-II, D-III
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Correct answer: D
अवधारणा
विद्वान–क्षेत्र सुमेलन प्रश्न में प्रत्येक विद्वान की पहचान उसके स्थापित कार्य से सर्वाधिक प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध विषय के आधार पर करें। पहले असंदिग्ध युग्म निर्धारित करें, फिर अप्रयुक्त संकेतों द्वारा सुमेलन की पुनः जाँच करें।
अनुप्रयोग
आर्यभट ने आर्यभटीय की रचना की और वे गणितीय खगोलशास्त्र के आधारभूत विद्वान हैं; अतः आर्यभट का सुमेलन खगोलशास्त्र (IV) से होता है।
कणाद का वैशेषिक परमाणुवाद अविभाज्य परमाणुओं का वर्णन करता है; अतः कणाद का सुमेलन परमाणु सिद्धांत (I) से होता है।
सुश्रुत संहिता शल्यचिकित्सा का एक आधारभूत ग्रंथ है; अतः सुश्रुत का सुमेलन शल्यचिकित्सा (II) से होता है।
नागार्जुन भारतीय रसशास्त्र की रस एवं धातुकर्म संबंधी परंपराओं से संबद्ध हैं; अतः नागार्जुन का सुमेलन रसशास्त्र (III) से होता है।
पुनः जाँच और तुलना
IV, I, II और III में से प्रत्येक संकेत का ठीक एक बार प्रयोग हुआ है तथा प्रत्येक विद्वान का सुमेलन एक भिन्न क्षेत्र से हुआ है।
A-I, B-II, C-III, D-IV में आर्यभट को परमाणु सिद्धांत दिया गया है, जबकि यहाँ उनका स्थापित संबंध खगोलशास्त्र से है।
A-II, B-III, C-IV, D-I में आर्यभट को शल्यचिकित्सा दी गई है, जबकि यहाँ उनका स्थापित संबंध खगोलशास्त्र से है।
A-III, B-IV, C-I, D-II में आर्यभट को रसशास्त्र दिया गया है, जबकि यहाँ उनका स्थापित संबंध खगोलशास्त्र से है।
अतः सही सुमेलन A-IV, B-I, C-II, D-III है।