निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प…

2019

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए :

आज शिक्षा के क्षेत्र में भी बाजारीकरण हो जाने के कारण शिक्षा महँगी और गरीबों की पहुँच से बाहर हो चुकी है। एक ओर तो शिक्षा और अर्थव्यवस्था के अनुसार उपयुक्त शिक्षा पाने के लिए गरीब के पास धन उपलब्ध नहीं है, तो वहीं दूसरी ओर अच्छे अंकों से उत्तीर्ण छात्रों के पास भी अच्छे संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए संसाधन नहीं हैं। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था एक विकल्प के रूप में उभरी है। पिछले वर्षों में देश के गरीब वर्ग के लोगों के लिए यह एक वरदान साबित हुई है, क्योंकि वे अब घर बैठे ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इससे ‘डिजिटल इंडिया’ के तहत शिक्षा का विस्तार भी हुआ है। इससे उन छात्रों को भी लाभ मिला है जो किसी कारणवश नियमित विद्यालयों में नहीं जा सकते थे।

ऑनलाइन एजुकेशन के प्रति लोगों का बढ़ता रुझान देखकर कहा जा सकता है कि आने वाले समय में इसका और अधिक विस्तार होगा। इसका एक कारण यह भी है कि आज अधिकांश छात्र अपने समय के अनुसार अपनी पढ़ाई करना चाहते हैं और किसी भी कोर्स के लिए कॉलेजों का चयन, प्रवेश परीक्षा और फीस जैसी कठिन प्रक्रियाओं से बचना चाहते हैं।

इसके साथ ही भारत में इंटरनेट और स्मार्टफोन के प्रसार ने भी ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया है। आज देश के अधिकांश युवा स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ऑनलाइन शिक्षा का प्रसार और भी तेज़ी से हो रहा है।

हालाँकि ऑनलाइन शिक्षा के कुछ नुकसान भी हैं, जैसे कि इसमें अनुशासन की कमी हो सकती है और छात्रों का ध्यान भटक सकता है। इसके अलावा सभी विषयों के लिए ऑनलाइन माध्यम उतना प्रभावी नहीं होता जितना कि पारंपरिक कक्षा शिक्षण।

फिर भी, वर्तमान समय में ऑनलाइन शिक्षा एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रही है और भविष्य में यह शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

यह भारत के लिए शुभ-संकेत है।

गद्यांश के आधार पर, निम्नलिखित में से इस गद्यांश का सबसे उपयुक्त शीर्षक कौन-सा है?

Answer: A. ऑनलाइन शिक्षाकिसी अपठित गद्यांश के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक/भावार्थ वही विकल्प होता है, जो गद्यांश के आरंभ से अंत तक अधिकांश अनुच्छेदों में बार-बार आता हो और जिस पर…

  1. A.

    ऑनलाइन शिक्षा

  2. B.

    शिक्षा का बाजारीकरण

  3. C.

    हिंदी सीखने-लिखने की माँग बढ़ना

  4. D.

    नि:शुल्क शिक्षा व्यवस्था

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Correct answer: A

किसी अपठित गद्यांश के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक/भावार्थ वही विकल्प होता है, जो गद्यांश के आरंभ से अंत तक अधिकांश अनुच्छेदों में बार-बार आता हो और जिस पर गद्यांश का निष्कर्ष भी केंद्रित हो। जो बिंदु गद्यांश में केवल एक बार, किसी अन्य विषय की पृष्ठभूमि के रूप में आता है, वह गद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक नहीं बन सकता।

प्रस्तुत गद्यांश में पहले अनुच्छेद से लेकर अंतिम अनुच्छेद तक ऑनलाइन शिक्षा की चर्चा बार-बार होती है — गरीब वर्ग के लिए इसका लाभ, 'डिजिटल इंडिया' के तहत इसका विस्तार, इंटरनेट व स्मार्टफोन के प्रसार से इसकी वृद्धि, अनुशासन व ध्यान से जुड़ी इसकी कुछ सीमाएँ, तथा भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में इसकी संभावित भूमिका। गद्यांश का समापन वाक्य 'यह भारत के लिए शुभ-संकेत है' भी इसी विषय — ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार — पर केंद्रित है। अतः 'ऑनलाइन शिक्षा' विकल्प गद्यांश के भावार्थ को सबसे सटीक रूप से दर्शाता है।

शेष विकल्पों की तुलना गद्यांश की मूल विषयवस्तु से:

  • 'शिक्षा का बाजारीकरण' — गद्यांश के केवल पहले वाक्य में शिक्षा के महँगा होने के एक कारण के रूप में उल्लेखित है; गद्यांश का शेष भाग इस विषय पर आगे नहीं बढ़ता।

  • 'हिंदी सीखने-लिखने की माँग बढ़ना' — गद्यांश में भाषा-अधिगम से जुड़ा कोई प्रसंग ही नहीं है; गद्यांश शिक्षा प्रणाली और उसकी सुगमता की बात करता है, किसी भाषा-विशेष की माँग की नहीं।

  • 'नि:शुल्क शिक्षा व्यवस्था' — गद्यांश शिक्षा को किफ़ायती और सुलभ बताता है, परंतु यह कहीं भी किसी सरकारी योजना के तहत शिक्षा को पूर्णतः नि:शुल्क घोषित नहीं करता।

अतः सही उत्तर 'ऑनलाइन शिक्षा' है।

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