निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए : अभिकथन (A) : पहले के…
2023
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए :
अभिकथन (A) : पहले के ज्ञान के प्रत्यास्मरण के लिए विद्यार्थियों को संकेत देना महत्त्वपूर्ण है ।
तर्क (R) : पहले के ज्ञान के प्रत्यास्मरण से विद्यार्थियों को जानी गई भाषा से नई भाषा में सम्बद्धता स्थापित करने में मदद मिलती है ।
Answer: D. (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है । — अवधारणा: शिक्षा मनोविज्ञान में स्कीमा सिद्धांत (schema theory) और अर्थपूर्ण अधिगम (meaningful learning) के अनुसार, नया ज्ञान तभी स्थायी रूप से सीखा जाता है जब…
- A.
(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है ।
- B.
(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है ।
- C.
(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है ।
- D.
(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है ।
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Correct answer: D
अवधारणा: शिक्षा मनोविज्ञान में स्कीमा सिद्धांत (schema theory) और अर्थपूर्ण अधिगम (meaningful learning) के अनुसार, नया ज्ञान तभी स्थायी रूप से सीखा जाता है जब उसे विद्यार्थी के पूर्व-ज्ञान (prior knowledge) से जोड़ा जाए। इसलिए अध्यापक द्वारा विद्यार्थियों को पूर्व ज्ञान के प्रत्यास्मरण (recall) के लिए संकेत (cue) देना आवश्यक माना जाता है, क्योंकि यही प्रत्यास्मरण नई और पुरानी जानकारी के बीच सम्बद्धता (connection) स्थापित करने का माध्यम बनता है।
अनुप्रयोग: अभिकथन (A) कहता है कि पूर्व ज्ञान के प्रत्यास्मरण के लिए संकेत देना महत्त्वपूर्ण है — यह अपने-आप में सत्य है, क्योंकि संकेत के बिना विद्यार्थी प्रासंगिक पूर्व-ज्ञान को सक्रिय नहीं कर पाते। तर्क (R) कहता है कि यही प्रत्यास्मरण विद्यार्थियों को जानी गई भाषा से नई भाषा में सम्बद्धता स्थापित करने में मदद करता है — यह भी सत्य है, क्योंकि प्रत्यास्मरण की प्रक्रिया मौजूदा भाषिक स्कीमा को नई भाषिक संरचनाओं से जोड़ने का कार्य करती है। चूँकि (R) यह बताता है कि प्रत्यास्मरण किस प्रकार सम्बद्धता बनाता है, और यही सम्बद्धता-निर्माण संकेत देने को महत्त्वपूर्ण बनाता है, अतः (R), (A) की सही व्याख्या भी प्रस्तुत करता है — दोनों केवल स्वतंत्र रूप से सत्य कथन नहीं हैं, बल्कि कारण-कार्य के रूप में जुड़े हैं।
तुलना — शेष विकल्प इस कारण-कार्य सम्बन्ध को गलत ढंग से तोड़ते हैं:
"(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है" — यह विकल्प प्रत्यास्मरण और भाषिक सम्बद्धता के बीच किसी भी संबंध से इनकार करता है, जबकि स्कीमा सिद्धांत इस संबंध को स्पष्ट रूप से स्थापित करता है।
"(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है" — यह विकल्प दोनों कथनों को स्वतंत्र तथ्यों के रूप में मानता है, जबकि प्रत्यास्मरण द्वारा सम्बद्धता बनना ही वह कारण है जिससे संकेत देना आवश्यक होता है — अर्थात् एक कथन दूसरे की व्याख्या ही करता है।
"(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है" — यह विकल्प संकेत देने के महत्त्व को नकारता है, जबकि पूर्व ज्ञान को सक्रिय किए बिना विद्यार्थी नई जानकारी को सार्थक रूप से नहीं जोड़ पाते, इसलिए संकेत देना महत्त्वपूर्ण है।
परिणाम: चूँकि (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की तार्किक व कारण-सहित व्याख्या प्रस्तुत करता है, अतः सही विकल्प वही है जो दोनों को सत्य मानता है तथा (R) को (A) की सही व्याख्या के रूप में स्वीकार करता है।