उच्च प्राथमिक स्तर पर बच्चों के भाषायी आकलन की दृष्टि से सबसे महत्त्वपूर्ण…
2019
उच्च प्राथमिक स्तर पर बच्चों के भाषायी आकलन की दृष्टि से सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न है
Answer: D. नीलकंठ की नृत्य-भंगिका को अपने शब्द-चित्र में प्रस्तुत कीजिए। — अवधारणा: भाषायी आकलन का मूल सिद्धांत यह है कि बच्चे की वास्तविक भाषा-दक्षता तभी सही ढंग से मापी जाती है जब प्रश्न उसे अपने शब्दों में स्वतंत्र रूप से विचार…
- A.
मोर-मोरनी के नाम किस आधार पर रखे गए हैं?
- B.
वसंत ऋतु में नीलकंठ के लिए जालीघर में बंद रहना असहनीय क्यों हो जाता था?
- C.
लेखिका को नीलकंठ की कौन-कौन-सी चेष्टाएँ बहुत भाती थीं?
- D.
नीलकंठ की नृत्य-भंगिका को अपने शब्द-चित्र में प्रस्तुत कीजिए।
Attempted by 1 students.
Show answer & explanation
Correct answer: D
अवधारणा: भाषायी आकलन का मूल सिद्धांत यह है कि बच्चे की वास्तविक भाषा-दक्षता तभी सही ढंग से मापी जाती है जब प्रश्न उसे अपने शब्दों में स्वतंत्र रूप से विचार व्यक्त करने अथवा सृजनात्मक रूप से वर्णन करने के लिए प्रेरित करे। पाठ में से सीधे उत्तर खोजकर लिखने वाले तथ्यात्मक अथवा बोध-आधारित प्रश्न केवल स्मरण-शक्ति और समझ की जाँच करते हैं, जबकि उत्पादक (productive) भाषा-कौशल — शब्द-भंडार, वाक्य-रचना और कल्पनाशीलता — की जाँच के लिए विद्यार्थी को मौलिक अभिव्यक्ति करनी आवश्यक होती है।
अनुप्रयोग: दिए गए चार प्रश्नों में से तीन प्रश्न पाठ में सीधे वर्णित तथ्यों पर आधारित हैं, जिनके उत्तर पाठ से खोजकर दोहराए जा सकते हैं — ये केवल बोध और स्मरण की जाँच करते हैं। जबकि नीलकंठ की नृत्य-भंगिमा को 'अपने शब्द-चित्र' में प्रस्तुत करने वाला प्रश्न बच्चे को पाठ से उत्तर खोजने के बजाय अपनी कल्पना, शब्द-भंडार और वाक्य-रचना क्षमता से मौलिक वर्णन गढ़ने के लिए बाध्य करता है — यही भाषायी आकलन की दृष्टि से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है।
तुलना: शेष तीन प्रश्नों की सीमाएँ इस प्रकार स्पष्ट होती हैं:
मोर-मोरनी के नामकरण का आधार पूछने वाला प्रश्न पाठ में दी गई जानकारी को खोजकर दोहराने तक सीमित है — यह स्मरण-आधारित बोध की जाँच है, स्वतंत्र भाषा-सृजन की नहीं।
वसंत ऋतु में असहनीयता का कारण पूछने वाला प्रश्न भी पाठ में दिए गए तथ्य को पहचानने पर केंद्रित है, विद्यार्थी की अपनी भाषा में मौलिक अभिव्यक्ति पर नहीं।
लेखिका को भाने वाली चेष्टाओं को सूचीबद्ध करने वाला प्रश्न पाठ से बिंदु चुनकर उत्तर देने की माँग करता है — यह भी बोध-स्तर का कार्य है, सृजनात्मक भाषा-प्रयोग का नहीं।
निष्कर्ष: अतः भाषायी आकलन की दृष्टि से सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न वही है जो विद्यार्थी से अपने शब्दों में सृजनात्मक वर्णन करने की अपेक्षा करता है — इसकी पुष्टि आधिकारिक CTET (जुलाई 2019, पेपर 2) उत्तर-कुंजी में भी होती है।