निम्न में से पल्लव शासकों की उपलब्धि नहीं थी---

2025

निम्न में से पल्लव शासकों की उपलब्धि नहीं थी---

Answer: C. पिछड़ी जातियों का आर्थिक पतनअवधारणाअपठित गद्यांश पर आधारित निषेधवाचक प्रश्न में उत्तर वह विकल्प होता है जिसका कथन गद्यांश में दी गई सूचना से समर्थित नहीं होता। ऐसे प्रश्न का निर्णय केवल…

  1. A.

    कपड़ा बुनकरों का सामाजिक उत्थान

  2. B.

    चित्रकला का विकास

  3. C.

    पिछड़ी जातियों का आर्थिक पतन

  4. D.

    स्थापत्य कला का विकास

Attempted by 29 students.

Show answer & explanation

Correct answer: C

अवधारणा

अपठित गद्यांश पर आधारित निषेधवाचक प्रश्न में उत्तर वह विकल्प होता है जिसका कथन गद्यांश में दी गई सूचना से समर्थित नहीं होता।

ऐसे प्रश्न का निर्णय केवल गद्यांश की सूचना के आधार पर किया जाता है, बाहरी जानकारी के आधार पर नहीं; इसलिए सही विधि यह है कि प्रत्येक विकल्प को गद्यांश के किसी वाक्य से मिलाकर देखा जाए।

प्रयोग

गद्यांश के अंतिम भाग में 7वीं–8वीं शताब्दी के पल्लव काल का वर्णन है। उसी भाग के वाक्यों से प्रत्येक विकल्प का मिलान इस क्रम में किया जाता है:

  1. गद्यांश कहता है कि 7वीं–8वीं शताब्दी में पल्लव शासकों ने स्थापत्य को बढ़ावा दिया, अर्थात् स्थापत्य कला के विकास की सूचना गद्यांश में उपस्थित है।

  2. आगे कहा गया है कि चित्रकला का विकास हुआ, अर्थात् चित्रकला के विकास की सूचना भी गद्यांश में उपस्थित है।

  3. इसके बाद कहा गया है कि कांचीपुरम में बुनकरों को वैश्यों-व्यापारियों के जैसा सम्मान प्राप्त हुआ, अर्थात् कपड़ा बुनकरों के सामाजिक उत्थान की सूचना भी गद्यांश में उपस्थित है।

  4. अंत में कहा गया है कि सामंती व्यवस्था में जो वर्ण और जातियाँ पिछड़ी हुई थीं, उनमें आर्थिक सुधार हुआ, अर्थात् गद्यांश पिछड़ी जातियों की आर्थिक दशा में सुधार की बात करता है, पतन की नहीं।

मिलान

विकल्प का कथन

गद्यांश की संबंधित सूचना

स्थापत्य कला का विकास

पल्लव शासकों ने स्थापत्य को बढ़ावा दिया

चित्रकला का विकास

चित्रकला का विकास हुआ

कपड़ा बुनकरों का सामाजिक उत्थान

कांचीपुरम में बुनकरों को वैश्यों-व्यापारियों जैसा सम्मान मिला

पिछड़ी जातियों का आर्थिक पतन

पिछड़ी वर्ण-जातियों में आर्थिक सुधार हुआ

इस मिलान से स्पष्ट है कि गद्यांश तीन उपलब्धियों का उल्लेख करता है: स्थापत्य कला का विकास, चित्रकला का विकास और कपड़ा बुनकरों का सामाजिक उत्थान। पिछड़ी जातियों के संबंध में गद्यांश आर्थिक सुधार बताता है। इसलिए "पिछड़ी जातियों का आर्थिक पतन" ही वह कथन है जो पल्लव शासकों की उपलब्धि नहीं थी।

Explore the full course: Ctet Paper 1

Loading lesson…