कवि या श्रोता को किसका अंतः साक्षात्कार बोध होता है?

2025

कवि या श्रोता को किसका अंतः साक्षात्कार बोध होता है?

Answer: D. कल्पना में आई रूप-व्यापार- योजना काअवधारणा: गद्यांश-बोध में उत्तर लेखक द्वारा स्पष्ट रूप से बताए गए संबंध के अनुरूप होना चाहिए, न कि किसी निकटवर्ती शब्द या सामान्य साहचर्य के आधार पर। पहले…

  1. A.

    वस्तु का

  2. B.

    विलक्षणता का

  3. C.

    मनोविकारों का

  4. D.

    कल्पना में आई रूप-व्यापार- योजना का

Attempted by 31 students.

Show answer & explanation

Correct answer: D

अवधारणा: गद्यांश-बोध में उत्तर लेखक द्वारा स्पष्ट रूप से बताए गए संबंध के अनुरूप होना चाहिए, न कि किसी निकटवर्ती शब्द या सामान्य साहचर्य के आधार पर।

पहले गद्यांश की व्याख्यात्मक श्रेणियों को अलग-अलग करें और फिर प्रश्न के शब्द-विन्यास का मिलान लेखक के सटीक कथन से करें।

अनुप्रयोग: गद्यांश कल्पना को काव्य का संज्ञानात्मक पक्ष बताता है और कहता है कि कवि या श्रोता को कल्पना में प्रस्तुत रूपों और व्यापारों की योजना का आंतरिक, प्रत्यक्ष बोध होता है।

  • बाद में उल्लिखित वस्तुएँ वे हैं जो कल्पना के भीतर प्रस्तुत होती हैं; गद्यांश प्रश्नगत आंतरिक बोध को केवल ‘वस्तु’ शब्द से सीधे नहीं जोड़ता।

  • विलक्षणता की चर्चा बाद में नई वस्तुओं को देखने से उत्पन्न कुतूहल और हल्के आनंद के संदर्भ में की गई है।

  • प्रेम, करुणा, क्रोध, उत्साह और आश्चर्य ऐसे मनोविकार हैं जिन्हें काव्य के भावात्मक पक्ष के अंतर्गत रखा गया है।

  • रूप-व्यापार-योजना वह अभिव्यक्ति है जिसे गद्यांश में सीधे आंतरिक बोध से जोड़ा गया है।

पुनर्जाँच: अगला वाक्य इस संज्ञानात्मक पक्ष से भावात्मक पक्ष की ओर जाता है, जिससे पुष्टि होती है कि पूर्ववर्ती कथन कल्पना में आई रूप-व्यापार-योजना से संबंधित है।

अतः अपेक्षित मान कल्पना में आई रूप-व्यापार-योजना है।

Explore the full course: Ctet Paper 1

Loading lesson…