'प्रेमसागर' किसकी रचना है?
2013
'प्रेमसागर' किसकी रचना है?
Answer: C. लल्लू लाल जी — फोर्ट विलियम कॉलेज (कलकत्ता, सन 1800 से) के दौर में हिंदुस्तानी भाषा सिखाने के लिए खड़ी बोली गद्य में कई ग्रंथ रचे गए, जिनमें से अनेक भागवत पुराण के दशम स्कंध…
- A.
मुंशी सदासुख लाल
- B.
सदल मिश्र
- C.
लल्लू लाल जी
- D.
रामप्रसाद निरंजनी
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Correct answer: C
फोर्ट विलियम कॉलेज (कलकत्ता, सन 1800 से) के दौर में हिंदुस्तानी भाषा सिखाने के लिए खड़ी बोली गद्य में कई ग्रंथ रचे गए, जिनमें से अनेक भागवत पुराण के दशम स्कंध (कृष्ण-कथा) पर आधारित थे। इन सभी ग्रंथों के रचनाकार अलग-अलग थे, इसलिए हर कृति को उसके सही रचनाकार से जोड़ना आवश्यक है।
'प्रेमसागर' (सन 1810) की रचना लल्लू लाल जी ने की थी। यह चतुर्भुज मिश्र की ब्रजभाषा रचना पर आधारित थी और भागवत पुराण के दशम स्कंध की कृष्ण-कथा को खड़ी बोली गद्य में प्रस्तुत करती है; इसे आधुनिक हिंदी गद्य की प्रथम मुद्रित एवं प्रकाशित कृतियों में गिना जाता है।
मुंशी सदासुख लाल -- दिल्ली से संबद्ध लेखक; फोर्ट विलियम कॉलेज से स्वतंत्र रहते हुए रचित 'सुखसागर' के रचनाकार।
सदल मिश्र -- फोर्ट विलियम कॉलेज में ही 'नासिकेतोपाख्यान' के रचनाकार।
रामप्रसाद निरंजनी -- 'योगवाशिष्ठ' (भाषा योग-वाशिष्ठ) के रचनाकार।
अतः इनमें से केवल लल्लू लाल जी ही 'प्रेमसागर' से संबद्ध हैं।