उपचारात्मक शिक्षण किसके लिए है?

2024

उपचारात्मक शिक्षण किसके लिए है?

Answer: A. उन शिक्षार्थियों के लिए जिन्हें भाषा अधिगम के कुछ आयामों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) शिक्षाशास्त्र में एक लक्षित, डायग्नोस्टिक-आधारित शिक्षण हस्तक्षेप है। सबसे पहले डायग्नोस्टिक मूल्यांकन के माध्यम से यह…

  1. A.

    उन शिक्षार्थियों के लिए जिन्हें भाषा अधिगम के कुछ आयामों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

  2. B.

    उन अध्यापकों के लिए जिन्हें भाषा सीखने वाले विद्यार्थियों के लिए अपने शिक्षण में सुधार की जरूरत है।

  3. C.

    उन शिक्षार्थियों और अध्यापकों के लिए जिन्हें अपने शिक्षण/अधिगम युक्तियों को समझने और बदलने/सुधार लाने की जरूरत है।

  4. D.

    उन शिक्षार्थियों और अध्यापकों के लिए जो भाषा की परीक्षा में अधिक अंक लाना चाहते हैं।

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Correct answer: A

उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) शिक्षाशास्त्र में एक लक्षित, डायग्नोस्टिक-आधारित शिक्षण हस्तक्षेप है। सबसे पहले डायग्नोस्टिक मूल्यांकन के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि किसी शिक्षार्थी को किसी कौशल (जैसे भाषा-अधिगम) के किन विशिष्ट आयामों/पक्षों में कठिनाई है; फिर उन्हीं चिह्नित कमियों को दूर करने के लिए विशेष, वैयक्तिकृत शिक्षण दिया जाता है। यह सामान्य कक्षा-शिक्षण की पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि एक संकीर्ण, समस्या-विशिष्ट हस्तक्षेप है।

दिए गए चार विकल्पों में से केवल एक ही विकल्प — 'उन शिक्षार्थियों के लिए जिन्हें भाषा अधिगम के कुछ आयामों पर ध्यान देने की आवश्यकता है' — इस परिभाषा से पूरी तरह मेल खाता है: यह शिक्षार्थी को लक्षित करता है (न कि अध्यापक को), और 'कुछ आयामों' शब्द डायग्नोस्टिक मूल्यांकन से पहचानी गई विशिष्ट, संकीर्ण कमी को दर्शाता है, न कि किसी व्यापक पुनर्विचार को।

शेष विकल्पों की तुलना:

  • जो विकल्प केवल अध्यापकों के शिक्षण-सुधार की बात करता है, वह उपचारात्मक शिक्षण को इन-सर्विस अध्यापक-प्रशिक्षण मान लेता है — जबकि यह हस्तक्षेप शिक्षार्थी को सीधे दिया जाता है, अध्यापक को नहीं।

  • जो विकल्प शिक्षार्थियों और अध्यापकों दोनों की शिक्षण/अधिगम युक्तियों में सामान्य बदलाव की बात करता है, वह उपचारात्मक शिक्षण को एक व्यापक, पारस्परिक रणनीति-समीक्षा बना देता है — जबकि यह एक संकीर्ण, एक विशिष्ट कमी पर लक्षित हस्तक्षेप है।

  • जो विकल्प अधिक अंक लाने की इच्छा को आधार बनाता है, वह उपचारात्मक शिक्षण को अंक-वृद्धि कोचिंग समझने की भूल करता है — जबकि यह डायग्नोस्टिक रूप से पहचानी गई कठिनाई पर आधारित होता है, अंक-लक्ष्य पर नहीं।

अतः सही उत्तर वह विकल्प है जो उपचारात्मक शिक्षण को शिक्षार्थियों के लिए भाषा-अधिगम के विशिष्ट आयामों पर लक्षित सहायता के रूप में परिभाषित करता है।

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