नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके बाद दिए गए प्रश्नों के उत्तर…
2016
नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके बाद दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
गद्यांश :
हिन्दी के जैसे देश के जीवन में जीवित और क्रियाशील भाषाएँ हैं, वैसे ही अन्य भाषाएँ भी हैं। उनका भी वही अधिकार है जो हिन्दी का है। भारत में केवल हिन्दी ही नहीं, बंगला, मराठी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, उड़िया, पंजाबी, कन्नड़, मलयालम, असमिया आदि भाषाएँ भी जीवित और क्रियाशील हैं। इन सबके बोलनेवालों को अपने-अपने प्रदेशों में अपने शासन, प्रशासन, न्याय, शिक्षा और व्यापार में अपनी भाषा का उपयोग करने का पूर्ण अधिकार है।
इन सब भाषाओं के परस्पर संपर्क और एक-दूसरे से मिलन का एक ही माध्यम हो सकता है, वह है — एक सामान्य भाषा। अतः एक राष्ट्रीय भाषा का होना अत्यावश्यक है। भारत में यह काम केवल हिन्दी कर सकती है, क्योंकि हिन्दी एक ऐसी भाषा है जो अधिकांश प्रान्तों में बोली और समझी जाती है
प्रश्न : गद्यांश का उचित शीर्षक क्या होगा?
Answer: A. हिन्दी का महत्व — गद्यांश का मुख्य उद्देश्य हिन्दी की उपयोगिता और उसकी राष्ट्रीय एकता में भूमिका को बताना है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक — “हिन्दी का महत्व” है।
- A.
हिन्दी का महत्व
- B.
भारत की संस्कृति
- C.
भाषाओं का पतन
- D.
अंग्रेजी की श्रेष्ठता
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Correct answer: A
गद्यांश का मुख्य उद्देश्य हिन्दी की उपयोगिता और उसकी राष्ट्रीय एकता में भूमिका को बताना है, इसलिए उपयुक्त शीर्षक — “हिन्दी का महत्व” है।