निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का…
2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ़ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ़ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीस किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखंड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ़्तार तेज होती है तो क्या होगा?
अल नीनो का प्रभाव पड़ता है :
Answer: C. मानसून पर — अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में उत्तर सदैव गद्यांश में दी गई सूचना से ही निकाला जाता है; पाठक को प्रश्न से संबंधित वाक्य को गद्यांश में खोजकर उसी से मेल…
- A.
जलवायु पर
- B.
जल स्रोतों पर
- C.
मानसून पर
- D.
मानव पर
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Correct answer: C
अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में उत्तर सदैव गद्यांश में दी गई सूचना से ही निकाला जाता है; पाठक को प्रश्न से संबंधित वाक्य को गद्यांश में खोजकर उसी से मेल खाने वाला विकल्प चुनना होता है, बाहरी ज्ञान जोड़ने की आवश्यकता नहीं होती।
गद्यांश की पहली ही पंक्ति में मौसम विज्ञानियों के हवाले से कहा गया है — 'इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमज़ोर रह सकता है।' इस वाक्य में 'अल नीनो प्रभाव' और 'मानसून' के बीच सीधा कारण-प्रभाव संबंध बताया गया है।
जलवायु पर — गद्यांश में जलवायु परिवर्तन का उल्लेख आगे हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने के दीर्घकालिक खतरे के प्रसंग में हुआ है, अल नीनो से सीधे जोड़े गए कथन में नहीं।
जल स्रोतों पर — नदियों (गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सिंधु) में पानी घटने का कारण गद्यांश में गंगोत्री ग्लेशियर के पिघलने और दीर्घकालिक जलवायु परिवर्तन को बताया गया है, अल नीनो को नहीं।
मानसून पर — गद्यांश की पहली पंक्ति में ही अल नीनो प्रभाव को मानसून के कमज़ोर रहने के कारण के रूप में स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है।
मानव पर — गद्यांश में मानव आबादी की चर्चा गंगा नदी पर निर्भर पानी की जरूरतों के प्रसंग में है, अल नीनो के प्रभाव वाले कथन में नहीं।
अतः, गद्यांश के प्रत्यक्ष कथन के आधार पर सही उत्तर 'मानसून पर' है।