निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का…

2024

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए ।

हाल ही में मेडिकल इंडस्ट्री के एक जानकार दावा कर रहे थे कि भविष्य में डॉक्टरों सर्जनों की ज़रूरत भी कम होने वाली है। एआई के जरिए लक्षणों को समझा जाएगा। आपकी केस हिस्ट्री एआई को पता होगी। ताज़ा हालत पूछ ली जाएगी और प्रिस्क्रिप्शन आपके हाथ में होगा। शारीरिक श्रम से जुड़े कामों पर शायद सबसे कम असर पड़ने वाला है। यह समझने का वक्त है कि एआई से फायदे होंगे या नुकसान। अभी तो इस नकली बुद्धिमत्ता को इंसान ने ही जन्म दिया है। उसका नियंत्रण है, लेकिन एआई वरदान ही रहे और भस्मासुर न बने, उसके लिए यह सोचने की ज़रूरत भी है कि मानवीय बुद्धिमत्ता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए कि एआई उस पर हावी न हो सके। अब अगर चैट जीपीटी बनाया है तो फिर पढ़ाई-लिखाई और इम्तिहानों का वह तरीका कौन सा हो, जो बिना एआई के युवाओं और बच्चों के बौद्धिक स्तर को परख सके।

यह सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब दे पाना मुश्किल है, पर नज़र ज़रूर रखनी चाहिए। वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो।

गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि एआई ऐसी होनी चाहिए जो :

Answer: B. मानवीय गुणों का संस्कार दे।अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों में सही विकल्प वह होता है जो गद्यांश में लेखक द्वारा स्पष्ट रूप से व्यक्त किए गए कथन या निष्कर्ष को सबसे सटीक ढंग से दोहराता है,…

  1. A.

    मानवीय क्षमताओं को कम करे।

  2. B.

    मानवीय गुणों का संस्कार दे।

  3. C.

    कम समय में अधिक कार्य करे।

  4. D.

    बिना बुद्धि के सारे जवाब दे दे।

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Correct answer: B

अपठित गद्यांश आधारित प्रश्नों में सही विकल्प वह होता है जो गद्यांश में लेखक द्वारा स्पष्ट रूप से व्यक्त किए गए कथन या निष्कर्ष को सबसे सटीक ढंग से दोहराता है, न कि वह जो विषय से मिलता-जुलता कोई सामान्य विचार हो।

इस गद्यांश में लेखक अंत में स्पष्ट करते हैं कि "वैज्ञानिकों को भी तय करना चाहिए कि एआई ऐसी हो जो इंसानियत फैलाने में मददगार हो", और इससे पहले यह भी कहा गया है कि एआई पर हावी न होने के लिए "मानवीय बुद्धिमत्ता के स्तर को इतना ऊँचा कैसे उठाया जाए"। अर्थात लेखक के अनुसार एआई को मानवीय गुणों और बुद्धिमत्ता को सँवारने-बढ़ाने वाला होना चाहिए। विकल्पों में यही भाव "मानवीय गुणों का संस्कार दे" द्वारा सबसे सटीक रूप से व्यक्त होता है।

  • "मानवीय क्षमताओं को कम करे" — यह गद्यांश की उस माँग के ठीक विपरीत दिशा में है जिसमें मानवीय बुद्धिमत्ता के स्तर को ऊँचा उठाने की बात कही गई है, घटाने की नहीं।

  • "कम समय में अधिक कार्य करे" — यह गति/दक्षता का पहलू है; गद्यांश का समापन कथन दक्षता की नहीं, इंसानियत और मानवीय बुद्धिमत्ता से जुड़ा है।

  • "बिना बुद्धि के सारे जवाब दे दे" — गद्यांश एआई पर मानवीय नियंत्रण और सोच-समझ की आवश्यकता पर बल देता है, बिना बुद्धि के परिणाम देने पर नहीं।

अतः गद्यांश के अंतिम कथन के आधार पर, सही विकल्प वह है जो एआई को मानवीय गुणों का संस्कार देने वाला बताता है।

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