निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, शैक्षिक मनोविज्ञान में वृद्धि और विकास के अंतर…

2025

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, शैक्षिक मनोविज्ञान में वृद्धि और विकास के अंतर का सटीक वर्णन करता है?

A) वृद्धि, संज्ञानात्मक क्षमताओं में वृद्धि को संदर्भित करती है, जबकि विकास, शारीरिक परिवर्तनों को संदर्भित करता है।

B) वृद्धि, मापनीय शारीरिक परिवर्तनों को संदर्भित करती है, जबकि विकास, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक और सामाजिक पहलुओं सहित समग्र परिवर्तनों को संदर्भित करता है।

C) वृद्धि, संवेगात्मक परिवर्तनों से संबंधित है, जबकि विकास, शारीरिक परिवर्तनों पर केंद्रित है।

D) वृद्धि और विकास समान और परस्पर विनिमेय शब्द हैं।

Answer: C. Bअवधारणा: शैक्षिक मनोविज्ञान में वृद्धि (Growth) उन परिवर्तनों को कहते हैं जो मात्रात्मक (quantitative) और मापनीय होते हैं तथा मुख्यतः शारीरिक आकार, ऊँचाई और…

  1. A.

    C

  2. B.

    A

  3. C.

    B

  4. D.

    D

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Correct answer: C

अवधारणा:

शैक्षिक मनोविज्ञान में वृद्धि (Growth) उन परिवर्तनों को कहते हैं जो मात्रात्मक (quantitative) और मापनीय होते हैं तथा मुख्यतः शारीरिक आकार, ऊँचाई और भार से संबंधित होते हैं; शारीरिक परिपक्वता के बाद वृद्धि सामान्यतः रुक जाती है। विकास (Development) एक व्यापक, आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ संज्ञानात्मक, संवेगात्मक और सामाजिक पहलुओं में होने वाले गुणात्मक (qualitative) परिवर्तन भी शामिल होते हैं।

अनुप्रयोग:

  1. स्टेम में दिया गया कथन A वृद्धि को संज्ञानात्मक क्षमताओं से और विकास को शारीरिक परिवर्तनों से जोड़ता है — यह उपरोक्त अवधारणा के विपरीत है, क्योंकि संज्ञानात्मक पक्ष विकास के अंतर्गत आता है, वृद्धि के नहीं।

  2. स्टेम में दिया गया कथन B वृद्धि को मापनीय शारीरिक परिवर्तनों से और विकास को संज्ञानात्मक, संवेगात्मक तथा सामाजिक पहलुओं सहित समग्र परिवर्तनों से जोड़ता है — यह ऊपर बताई गई अवधारणा से पूर्णतः मेल खाता है।

  3. स्टेम में दिया गया कथन C वृद्धि को संवेगात्मक परिवर्तनों से और विकास को केवल शारीरिक परिवर्तनों से जोड़ता है — यह भी दोनों परिभाषाओं को आपस में बदल देता है।

  4. स्टेम में दिया गया कथन D वृद्धि और विकास को समान तथा परस्पर विनिमेय शब्द मानता है, जबकि दोनों संकल्पनात्मक रूप से भिन्न हैं — वृद्धि मात्रात्मक है, जबकि विकास समग्र (holistic) है।

जाँच:

उदाहरण के लिए, किसी बच्चे की ऊँचाई या भार में वृद्धि होना केवल "वृद्धि" है, जबकि उसका तर्कसंगत ढंग से सोचना सीखना, भावनाओं को नियंत्रित करना या सामाजिक कौशल विकसित करना "विकास" है। यह उदाहरण कथन B में दी गई परिभाषा से पूरी तरह मेल खाता है, जिससे इस अवधारणा की पुष्टि होती है कि वृद्धि मापनीय शारीरिक परिवर्तन है और विकास संज्ञानात्मक, संवेगात्मक तथा सामाजिक पहलुओं सहित एक समग्र प्रक्रिया है।

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