पाश्चात्य जगत में कोयले ने प्रमुख ईंधन के रूप में लकड़ी का स्थान लेना कब आरंभ…

2024

पाश्चात्य जगत में कोयले ने प्रमुख ईंधन के रूप में लकड़ी का स्थान लेना कब आरंभ किया?

Answer: D. अठारहवीं शताब्दी मेंसंकल्पनाशाब्दिक-बोध संबंधी प्रश्न का उत्तर गद्यांश में दिए गए स्पष्ट कथन से प्राप्त होता है, न कि बाहरी ज्ञान अथवा किसी सामान्य संबंध के आधार पर। प्रश्न में…

  1. A.

    हाल के समय में

  2. B.

    सोलहवीं शताब्दी में

  3. C.

    उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में

  4. D.

    अठारहवीं शताब्दी में

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Correct answer: D

संकल्पना

शाब्दिक-बोध संबंधी प्रश्न का उत्तर गद्यांश में दिए गए स्पष्ट कथन से प्राप्त होता है, न कि बाहरी ज्ञान अथवा किसी सामान्य संबंध के आधार पर।

  1. प्रश्न में पूछी गई घटना की पहचान कीजिए।

  2. गद्यांश में वह वाक्य खोजिए जो उस घटना का समय बताता है।

  3. उस वाक्य की काल-सूचक अभिव्यक्ति का मिलान दिए गए विकल्प से कीजिए।

अनुप्रयोग

पूछी गई घटना पाश्चात्य जगत में कोयले द्वारा एक प्रमुख ईंधन के रूप में लकड़ी का स्थान लेना आरंभ करने की है। गद्यांश स्पष्ट रूप से इस परिवर्तन को अठारहवीं शताब्दी से आगे के काल में रखता है।

विकल्पों का अंतर

  • ‘हाल का समय’ गद्यांश में बाद में किए गए उस उल्लेख को दर्शाता है, जिसमें कोयले के उपयोग में तीव्र वृद्धि की बात कही गई है; यह लकड़ी का स्थान लेने की शुरुआत को नहीं दर्शाता।

  • इस परिवर्तन के संदर्भ में गद्यांश में सोलहवीं शताब्दी का उल्लेख नहीं किया गया है।

  • उन्नीसवीं शताब्दी का मध्य इस परिवर्तन के लिए स्पष्ट रूप से बताए गए काल से बाद का है।

  • गद्यांश में कोयले द्वारा लकड़ी का स्थान लेना आरंभ करने के साथ अठारहवीं शताब्दी की काल-सूचक अभिव्यक्ति जुड़ी हुई है।

निष्कर्ष

अतः पाश्चात्य जगत में कोयले ने अठारहवीं शताब्दी में प्रमुख ईंधन के रूप में लकड़ी का स्थान लेना आरंभ किया।

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