'महात्मा जी ______ खड़े थे' वाक्य के रिक्त स्थान के लिए सर्वाधिक उपयुक्त…
2026
'महात्मा जी ______ खड़े थे' वाक्य के रिक्त स्थान के लिए सर्वाधिक उपयुक्त क्रिया-विशेषण शब्द क्या है?
Answer: A. सामने — क्रिया-विशेषण (Adverb) वह अविकारी अव्यय शब्द है जो क्रिया की विशेषता बताता है, अर्थात क्रिया के होने का स्थान, काल, रीति या परिमाण प्रकट करता है। इनमें…
- A.
सामने
- B.
छत पर
- C.
मंदिर में
- D.
जल में
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Correct answer: A
क्रिया-विशेषण (Adverb) वह अविकारी अव्यय शब्द है जो क्रिया की विशेषता बताता है, अर्थात क्रिया के होने का स्थान, काल, रीति या परिमाण प्रकट करता है। इनमें स्थानवाचक क्रिया-विशेषण वे शब्द हैं जो 'कहाँ?' का उत्तर देते हुए क्रिया के घटित होने का स्थान बताते हैं; जैसे — यहाँ, वहाँ, आगे, पीछे, सामने, भीतर, बाहर, ऊपर, नीचे, दूर, पास। ऐसा शब्द अकेला ही, बिना किसी परसर्ग की सहायता के, सीधे क्रिया से जुड़ जाता है।
इसके विपरीत 'संज्ञा + परसर्ग' का मेल (जैसे — घर में, छत पर, बाज़ार से) वाक्य में स्थान तो बताता है, किंतु वह एक क्रिया-विशेषण शब्द न होकर क्रियाविशेषण पदबंध (adverbial phrase) कहलाता है। इसलिए जब प्रश्न 'क्रिया-विशेषण शब्द' माँगता है, तब वही रचना मान्य होगी जो स्वयं एक अव्यय शब्द हो, न कि संज्ञा और परसर्ग से बना पदबंध।
दिए गए वाक्य 'महात्मा जी ______ खड़े थे' में रिक्त स्थान क्रिया 'खड़े थे' के घटित होने का स्थान बताएगा। 'सामने' रखने पर वाक्य बनता है — 'महात्मा जी सामने खड़े थे।' यहाँ 'सामने' एक ही अविकारी शब्द है, जिसे किसी परसर्ग की सहायता नहीं चाहिए, और वह क्रिया 'खड़े थे' का स्थान बताता है; अतः यह स्थानवाचक क्रिया-विशेषण है।
शेष रचनाओं की जाँच 'संज्ञा + परसर्ग' के आधार पर कीजिए:
'छत पर' — 'छत' संज्ञा है और 'पर' परसर्ग; यह मेल स्थान तो बताता है, पर एक क्रिया-विशेषण शब्द नहीं, क्रियाविशेषण पदबंध है।
'मंदिर में' — 'मंदिर' संज्ञा है और 'में' परसर्ग; वाक्य व्याकरणिक रूप से शुद्ध बनता है, फिर भी यह पदबंध है, अव्यय शब्द नहीं।
'जल में' — 'जल' संज्ञा है और 'में' परसर्ग; यह भी संज्ञा-आधारित पदबंध है, स्वतंत्र क्रिया-विशेषण शब्द नहीं।
अतः वाक्य के रिक्त स्थान के लिए सर्वाधिक उपयुक्त क्रिया-विशेषण शब्द 'सामने' है।