'अधिगम शैलियों (learning styles)' की अवधारणा के अनुसार,
2025
'अधिगम शैलियों (learning styles)' की अवधारणा के अनुसार,
- A.
प्रभावी शिक्षण के लिए अधिगम शैलियाँ अप्रासंगिक होती हैं
- B.
अलग-अलग छात्रों के अधिगम के अधिमानित तरीके होते हैं जैसे दृश्य, श्रव्य या गत्यात्मक
- C.
सभी विद्यार्थी, अपनी वरीयताओं की परवाह किए बिना एक ही तरीके से सीखते हैं
- D.
अधिगम के लिए केवल दृश्य और श्रव्य शैलियाँ ही प्रभावी होती हैं
Show answer & explanation
Correct answer: B
अवधारणा
अधिगम शैलियाँ (Learning Styles) की अवधारणा के अनुसार, प्रत्येक शिक्षार्थी की सूचना ग्रहण करने और संसाधित करने की एक अधिमानित (preferred) विधि होती है। इसे सामान्यतः तीन प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है — दृश्य (Visual), श्रव्य (Auditory), और गत्यात्मक/स्पर्शनीय (Kinesthetic) — जिन्हें संक्षेप में VAK मॉडल कहा जाता है (नील फ्लेमिंग के VARK मॉडल में पठन-लेखन शैली भी जोड़ी गई है)। इस अवधारणा का मूल सिद्धांत यह है कि शिक्षार्थियों के बीच सीखने के माध्यम को लेकर व्यक्तिगत भिन्नता (individual variability) पाई जाती है, न कि एकरूपता।
अनुप्रयोग
प्रश्न में दिए गए चार कथनों में से केवल एक कथन इस केंद्रीय सिद्धांत — अर्थात शिक्षार्थियों के बीच अधिगम माध्यम की विविधता — को सही ढंग से व्यक्त करता है, जिसमें दृश्य, श्रव्य और गत्यात्मक तीनों शैलियों का उल्लेख है।
सत्यापन
शेष तीन कथनों की तुलना करें:
'प्रभावी शिक्षण के लिए अधिगम शैलियाँ अप्रासंगिक होती हैं' — यह अवधारणा के अस्तित्व को ही नकारता है।
'सभी विद्यार्थी, अपनी वरीयताओं की परवाह किए बिना एक ही तरीके से सीखते हैं' — यह सम्पूर्ण एकरूपता मानता है, व्यक्तिगत भिन्नता को नहीं।
'अधिगम के लिए केवल दृश्य और श्रव्य शैलियाँ ही प्रभावी होती हैं' — यह गत्यात्मक शैली को छोड़कर प्रभावी माध्यमों की संख्या को सीमित करता है।
चूँकि अधिगम शैलियों की मूल अवधारणा विविधता और व्यक्तिगत भिन्नता पर आधारित है, इसलिए 'अलग-अलग छात्रों के अधिगम के अधिमानित तरीके होते हैं जैसे दृश्य, श्रव्य या गत्यात्मक' वाला कथन ही इस अवधारणा को सही रूप से परिभाषित करता है।