पाठ्यचर्या निर्माण का कौन-सा सिद्धांत, शैक्षिक सामग्री को शिक्षार्थियों के…
2025
पाठ्यचर्या निर्माण का कौन-सा सिद्धांत, शैक्षिक सामग्री को शिक्षार्थियों के विकासात्मक अवस्थाओं और संज्ञानात्मक क्षमताओं के साथ संरेखित करने के महत्व पर जोर देता है?
- A.
अनुक्रम का सिद्धांत
- B.
एकीकरण का सिद्धांत
- C.
कार्यक्षेत्र का सिद्धांत
- D.
विभेदीकरण का सिद्धांत
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Correct answer: A
पाठ्यचर्या निर्माण के प्रमुख संगठनात्मक सिद्धांतों में सातत्य, अनुक्रम, एकीकरण और कार्यक्षेत्र शामिल हैं। इनमें से अनुक्रम का सिद्धांत यह तय करता है कि पाठ्यचर्या की विषयवस्तु को सरल से जटिल क्रम में, शिक्षार्थी की आयु, विकासात्मक अवस्था और संज्ञानात्मक परिपक्वता के अनुरूप व्यवस्थित किया जाए, ताकि प्रत्येक अगला स्तर पिछले स्तर पर निर्मित हो।
प्रश्न में स्पष्ट रूप से यह पूछा गया है कि कौन-सा सिद्धांत सामग्री को शिक्षार्थियों की विकासात्मक अवस्थाओं और संज्ञानात्मक क्षमताओं के साथ संरेखित करने पर बल देता है — यही वह मानदंड है जिसे अनुक्रम का सिद्धांत परिभाषित करता है: विषयवस्तु का क्रम शिक्षार्थी की आयु और सोच की परिपक्वता के स्तर के अनुसार तय होता है (जैसे पहले मूर्त अवधारणाएँ, फिर अमूर्त अवधारणाएँ, जो संज्ञानात्मक विकास के चरणों से मेल खाता है)। अतः सही उत्तर अनुक्रम का सिद्धांत है।
एकीकरण का सिद्धांत विभिन्न विषयों और अधिगम-अनुभवों को क्षैतिज रूप से आपस में जोड़कर ज्ञान को समेकित करने पर बल देता है — यह विषयवस्तु के क्रम से नहीं जुड़ा।
कार्यक्षेत्र का सिद्धांत किसी कक्षा-स्तर पर पाठ्यचर्या में शामिल विषयवस्तु की चौड़ाई और गहराई तय करता है, न कि उसे किस क्रम में पढ़ाया जाए।
विभेदीकरण का सिद्धांत भिन्न-भिन्न शिक्षार्थियों की व्यक्तिगत रुचियों, गति और क्षमताओं के अनुरूप निर्देशन को अनुकूलित करने से जुड़ा है, न कि आयु-आधारित विकासात्मक क्रम से।