फरवरी 2025 में किस भारतीय संस्थान ने सुई रहित शॉक सिरिंज (needle-free shock…
2025
फरवरी 2025 में किस भारतीय संस्थान ने सुई रहित शॉक सिरिंज (needle-free shock syringes) विकसित की?
- A.
AIIMS, नई दिल्ली
- B.
IIT बॉम्बे
- C.
IIT दिल्ली
- D.
IISC बेंगलुरु
Attempted by 7 students.
Show answer & explanation
Correct answer: B
सुई-मुक्त इंजेक्शन प्रौद्योगिकी (जिसे सुई-रहित अथवा जेट इंजेक्शन भी कहा जाता है) में अधस्त्वचीय सुई के स्थान पर स्प्रिंग, संपीडित गैस अथवा आघात-नलिका-आधारित डिज़ाइनों में आघात तरंग से उत्पन्न तीव्र दाब-स्पंद के माध्यम से द्रव की पतली, उच्च-वेग वाली जेट को त्वचा के आर-पार प्रवाहित करके औषधि या वैक्सीन पहुँचाई जाती है। यह सुई चुभने से होने वाली चोट, पीड़ा और पार-संदूषण के जोखिम को कम करती है तथा भारत के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में जैवचिकित्सीय अभियांत्रिकी का एक सक्रिय अनुसंधान क्षेत्र है।
आईआईटी बॉम्बे की सुई-रहित शॉक सिरिंज में माइक्रो-शॉक-ट्यूब में उत्पन्न नियंत्रित प्रघाती तरंग का उपयोग करके औषधि अथवा वैक्सीन की अत्यंत महीन, उच्च-वेग वाली जेट को बिना सुई के त्वचा के भीतर पहुँचाया जाता है। इसे संस्थान के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर वीरेन मेनेज़ेस के नेतृत्व वाली टीम ने विकसित किया था। इस तकनीक को आईआईटी बॉम्बे के आधिकारिक शोध-विशेषता पृष्ठ तथा उसके पूर्वछात्र एवं कॉरपोरेट संबंध विभाग के फरवरी 2025 के समाचार-पत्र में प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया था और स्वतंत्र मीडिया, जैसे हिंदुस्तान टाइम्स, ने भी इसे प्रकाशित किया था। फरवरी 2025 में मिली इसी प्रमुख प्रस्तुति के कारण दिए गए चार संस्थानों में सुई-रहित शॉक सिरिंज का श्रेय आईआईटी बॉम्बे को दिया गया है।
अन्य विकल्पों से मिलान करने पर भी इसकी पुष्टि होती है:
एम्स, नई दिल्ली भारत का प्रमुख चिकित्सा-विज्ञान एवं चिकित्सालय संस्थान है, जिसका मुख्य कार्य नैदानिक देखभाल और चिकित्सा अनुसंधान है; इस उपकरण के विकास का श्रेय इसे नहीं दिया गया है।
आईआईटी दिल्ली एक प्रमुख अभियांत्रिकी संस्थान है, किंतु इस विशिष्ट आघात-सिरिंज के विकास का श्रेय इस संस्थान को नहीं दिया गया है।
आईआईएससी बेंगलुरु भारत का शीर्ष अंतर्विषयी अनुसंधान संस्थान है, किंतु इस विशिष्ट उपकरण के विकास का श्रेय इसे भी नहीं दिया गया है।
अतः सही उत्तर आईआईटी बॉम्बे है।