उपयुक्त 'कारक' चिह्न का चयन कर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। 'यह शालू…
2026
उपयुक्त 'कारक' चिह्न का चयन कर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। 'यह शालू ..................... पुस्तक है।'
Answer: B. की — संकल्पना: हिंदी व्याकरण में 'कारक' संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के अन्य पदों, विशेषतः क्रिया, से संबंध दर्शाता है, और प्रत्येक कारक का अपना विभक्ति चिह्न…
- A.
हे
- B.
की
- C.
पर
- D.
को
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Correct answer: B
संकल्पना: हिंदी व्याकरण में 'कारक' संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के अन्य पदों, विशेषतः क्रिया, से संबंध दर्शाता है, और प्रत्येक कारक का अपना विभक्ति चिह्न (परसर्ग) होता है। इनमें संबंध कारक वह कारक है जो क्रिया से नहीं, बल्कि एक संज्ञा का दूसरी संज्ञा से स्वामित्व या संबंध जोड़ता है; इसका चिह्न 'का/के/की' है और इसका रूप उस संज्ञा के लिंग-वचन के अनुसार बदलता है जिसका स्वामित्व दर्शाया जा रहा है — पुल्लिंग एकवचन पर 'का', पुल्लिंग बहुवचन या तिर्यक् रूप पर 'के', तथा स्त्रीलिंग पर 'की'।
अनुप्रयोग (इस वाक्य पर):
दिए गए वाक्य 'यह शालू ......... पुस्तक है।' में दो संज्ञाएँ हैं — 'शालू' और 'पुस्तक', और रिक्त स्थान ठीक इन्हीं दोनों के बीच पड़ता है।
यहाँ रिक्त स्थान को क्रिया 'है' से कोई संबंध नहीं जोड़ना है, बल्कि यह बताना है कि पुस्तक किसकी है — अर्थात् एक संज्ञा का दूसरी संज्ञा से स्वामित्व-संबंध; अतः संबंध कारक अपेक्षित है।
संबंध कारक का विभक्ति चिह्न 'का/के/की' है, और इसका रूप स्वामित्व में आई हुई संज्ञा, अर्थात् 'पुस्तक', के लिंग-वचन से मेल खाता है।
'पुस्तक' स्त्रीलिंग एकवचन संज्ञा है, इसलिए 'का' या 'के' नहीं, बल्कि स्त्रीलिंग रूप 'की' लगेगा।
प्रति-परीक्षण (दिए गए चारों चिह्नों की तुलना):
विभक्ति चिह्न | कारक | कार्य |
|---|---|---|
हे | संबोधन कारक | किसी को पुकारने या संबोधित करने के लिए, संज्ञा से पहले — 'हे राम!' |
की | संबंध कारक | दो संज्ञाओं के बीच स्वामित्व/संबंध — 'सीता की कलम' |
पर | अधिकरण कारक | क्रिया का आधार, स्थान या समय — 'मेज़ पर किताब' |
को | कर्म / संप्रदान कारक | क्रिया से प्रभावित पद या जिसके लिए कार्य हो — 'राम को बुलाओ' |
तालिका से स्पष्ट है कि 'हे', 'पर' और 'को' क्रमशः संबोधन, अधिकरण तथा कर्म/संप्रदान का काम करते हैं और दो संज्ञाओं के बीच स्वामित्व नहीं जोड़ते; केवल 'का/के/की' ही वह कार्य करते हैं, और स्त्रीलिंग 'पुस्तक' के साथ उनका रूप 'की' बनता है।
अतः पूर्ण वाक्य बनता है — 'यह शालू की पुस्तक है।' (This is Shalu's book.)