दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और दिए गए प्रश्न के उत्तर दें। हर वर्ष 26…
2021
दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और दिए गए प्रश्न के उत्तर दें।
हर वर्ष 26 जनवरी को हमारे देश में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। हम सभी देशवासियों को भारत का नागरिक होने का गर्व है। 26 जनवरी 1950 को हमारा देश एक प्रजातान्त्रिक गणतंत्र देश बना था। इस दिन हमारे देश में संविधान लागू हुआ था। हमारी मातृभूमि भारत लंबे समय तक ब्रिटिश शासन की गुलाम रही तथा ब्रिटिश शासन द्वारा बनाये गये कानूनों का भारतीय लोगों को पालन करना पड़ता था व कानूनों को मानने के लिये मजबूर थे, भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा लंबे संघर्ष के बाद भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अंततः 15 अगस्त, 1947 को भारत को आज़ादी दिलाई। लगभग 2 साल 11 महीने 18 दिन के प्रयास के बाद हमारी संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान पारित किया गया, जो 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। भारत ने अपना संविधान लागू किया और खुद को संप्रभु, लोकतांत्रिक, गणराज्य के रूप में घोषित किया। भारत में आज़ादी के बाद 'विविधता में एकता' के अस्तित्व को दिखाने के लिए देश के अलग-अलग राज्य खूबसूरत झांकियों के ज़रिए अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रगति को दिखाते हैं। अतः यह और भी आवश्यक हो जाता है कि इस विशेष दिन को हम उचित सम्मान दें और इसे साथ मिलकर मनाये, जिससे हमारे देश की एकता और अखंडता जिसके लिए कई वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, इसी प्रकार से बनी रहे। गणतंत्र दिवस का यह राष्ट्रीय पर्व हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे देश का संविधान तथा इसका गणतांत्रिक स्वरुप ही हमारे देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक जोड़ने का कार्य करता है।
प्रश्न: दिए गए गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक क्या होगा?
Answer: D. गणतंत्र दिवस — गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक चुनने का सिद्धांत यह है कि शीर्षक पूरे गद्यांश के केंद्रीय विचार (मुख्य विषय) को समेटे हुए हो — न तो वह किसी एक उदाहरण या विवरण…
- A.
स्वतंत्रता दिवस
- B.
भारत का नागरिक
- C.
जोड़ने का कार्य
- D.
गणतंत्र दिवस
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Correct answer: D
गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक चुनने का सिद्धांत यह है कि शीर्षक पूरे गद्यांश के केंद्रीय विचार (मुख्य विषय) को समेटे हुए हो — न तो वह किसी एक उदाहरण या विवरण तक सीमित हो (बहुत संकीर्ण), और न ही वह इतना व्यापक हो कि गद्यांश में वर्णित विशिष्ट घटना को न दर्शाए (बहुत व्यापक)। शीर्षक की जांच के लिए यह देखना चाहिए कि गद्यांश का हर भाग उस शीर्षक के अंतर्गत आता है या नहीं।
यहाँ गद्यांश की शुरुआत से अंत तक हर वाक्य 26 जनवरी को मनाए जाने वाले पर्व — संविधान लागू होने, गणतांत्रिक स्वरूप की घोषणा, झांकियों के माध्यम से 'विविधता में एकता' दिखाने और देश की एकता-अखंडता — के इर्द-गिर्द घूमता है। यह पूरा विवरण एक ही उत्सव के विभिन्न पहलुओं का वर्णन है, इसलिए 'गणतंत्र दिवस' शीर्षक गद्यांश के हर भाग को समाहित करता है।
स्वतंत्रता दिवस — गद्यांश में 15 अगस्त 1947 का उल्लेख केवल पृष्ठभूमि के रूप में हुआ है ताकि 26 जनवरी 1950 के महत्व को समझाया जा सके; पूरा गद्यांश 15 अगस्त पर केंद्रित नहीं है।
भारत का नागरिक — नागरिकों के गर्व की बात केवल एक वाक्य में आई है; यह गद्यांश के मुख्य विषय से कहीं अधिक व्यापक और सामान्य विचार है।
जोड़ने का कार्य — यह पंक्ति गद्यांश के अंतिम भाग में एक परिणाम के रूप में आई है; यह अपने आप में गद्यांश का केंद्रीय विषय नहीं, बल्कि एक सहायक विवरण है।
अतः दिए गए गद्यांश का सबसे उपयुक्त शीर्षक 'गणतंत्र दिवस' है।