हमारे देश में अनेक जटिल समस्याएँ हैं जो देश के विकास में अवरोध उत्पन्न करती…
2021
हमारे देश में अनेक जटिल समस्याएँ हैं जो देश के विकास में अवरोध उत्पन्न करती हैं। जनसंख्या वृद्धि भी देश की इन्हीं जटिल समस्याओं में से एक है। संपूर्ण विश्व में चीन के पश्चात भारत सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। परंतु जिस गति से हमारे देश की जनसंख्या बढ़ रही है, वह दिन भी दूर नहीं जब हमारे देश की जनसंख्या चीन से भी अधिक हो जाएगी। हमारी जनसंख्या वृद्धि की दर का इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात मात्र पाँच दशकों में यह 33 करोड़ से 100 करोड़ के आँकड़े को पार कर गई है। देश में जनसंख्या वृद्धि के अनेक कारण हैं। इसके अतिरिक्त निर्धनता, अशिक्षा, रूढ़िवादिता तथा संकीर्ण विचार आदि जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारण हैं। देश में बाल-विवाह की परंपरा प्राचीन काल से थी, जिसके फलस्वरूप भी जनसंख्या में वृद्धि हुई थी। शिक्षा का अभाव भी जनसंख्या वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। देश में जनसंख्या वृद्धि की समस्या आज अत्यंत भयावह स्थिति में है, जिसके फलस्वरूप देश को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। देश में उपलब्ध संसाधनों की तुलना में जनसंख्या अधिक होने का दुष्परिणाम यह है कि स्वतंत्रता के पाँच दशकों के बाद भी लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही है। देश में लोगों को अपनी आय में वृद्धि के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। देश में बहुत से बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि एक स्वस्थ भारत की परिकल्पना को साकार रूप देने में कितना दुष्कर कार्य है।
कितनी प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही है?
Answer: C. 40% — गद्यांश के अनुसार देश में उपलब्ध संसाधनों की तुलना में जनसंख्या अधिक होने के दुष्परिणाम के रूप में बताया गया है कि स्वतंत्रता के पाँच दशकों के बाद भी लगभग 40…
- A.
50%
- B.
60%
- C.
40%
- D.
30%
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Correct answer: C
गद्यांश के अनुसार देश में उपलब्ध संसाधनों की तुलना में जनसंख्या अधिक होने के दुष्परिणाम के रूप में बताया गया है कि स्वतंत्रता के पाँच दशकों के बाद भी लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही है। इसलिए सही उत्तर 40% है।