अपनी समस्याओं को हल करने वाला एक कल्याणकारी और प्रगत लोकसमाज स्थापित करने में…
2023
अपनी समस्याओं को हल करने वाला एक कल्याणकारी और प्रगत लोकसमाज स्थापित करने में समय लगता है। इसके लिए लंबा समय लगता है और इस बीच हमें प्रयत्न करते रहना होगा। अर्थात सामाजिक सुधार की संपूर्ण समस्या यह रूप लेती है कि, कहाँ हैं वे लोग, जो सुधार चाहते हैं? वे पहले उन्हें तैयार करते हैं।
प्रश्न:
गद्यांश के अनुसार कल्याणकारी लोकसमाज की विशेषता है —
Answer: B. अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाना — सही उत्तर: अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाना व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है कि कल्याणकारी और प्रगत लोकसमाज स्थापित करने में समय लगता है और इस दौरान लगातार…
- A.
परोपकार की भावना
- B.
अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाना
- C.
अपनी समस्याओं से पलायन
- D.
प्रगतिशील विचार होना
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Correct answer: B
सही उत्तर: अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाना
व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है कि कल्याणकारी और प्रगत लोकसमाज स्थापित करने में समय लगता है और इस दौरान लगातार प्रयत्न करने तथा सुधार चाहने वाले लोगों को तैयार करने की आवश्यकता होती है। इसका मूल तात्पर्य यह है कि समाज के सदस्य अपनी समस्याओं का सामना करके उन्हें स्वयं हल करें।
समाज बनने में समय लगता है, इसलिए बाहरी त्वरित उपायों की अपेक्षा दीर्घकालिक आत्मनिर्भर प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
गद्यांश यह भी कहता है कि सुधार चाहने वाले लोगों को तैयार करना होगा—यह तैयारी लोगों को स्वयं समस्याएँ सुलझाने में सक्षम बनाती है।
इसलिए प्रमुख विशेषता है कि समाज के लोग अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाएँ।
अन्य विकल्पों का संक्षेप में मूल्यांकन:
परोपकार की भावना: यह गुण सकारात्मक है पर पाठ का मुख्य बिंदु समाज की आत्म-समाधान क्षमता है, न कि केवल परोपकार।
अपनी समस्याओं से पलायन: यह गद्यांश के विचार के विरुद्ध है क्योंकि पाठ में समस्याओं का सामना कर उन्हें सुलझाने की बात की गई है।
प्रगतिशील विचार होना: यह सहायक गुण हो सकता है, किन्तु पाठ का प्रत्यक्ष संकेत यह है कि समाज के लोग स्वयं समस्याएँ हल करें—इसलिए यह उत्तर सबसे उपयुक्त नहीं है।