निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्न के सही उत्तर दीजिए…
2023
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्न के सही उत्तर दीजिए :
गद्यांश:
करुणा अपना भोज अपने आलम्बन या पात्र में नहीं फेंकती है अर्थात् जिस पर करुणा की जाती है वह बदले में करुणा करनेवाले पर भी करुणा नहीं करता— जैसे कि क्रोध और प्रेम में होता है— बल्कि कृपा होती है अपना श्रम या प्रीति का फल। इतना ही नहीं, औदासीन्य स्वभावों में वह भेद दिखायी गई है कि युवावस्था के टूटे हुए या अपना स्थान खोनेवाले युगनों के मन में जो ममता होती है वह भी परिपक्व करुणा स्वरूप सरल और सरल नहीं होता है।
Q. जिस पर करुणा की जाती है वह करुणा पाकर :
Answer: D. कृतज्ञ होता है — सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या: प्रश्न का सही उत्तर है: कृतज्ञ होता है। प्रमाण: पाठ में कहा गया है कि करुणा "अपना श्रम या प्रीति का फल" है। यह संकेत करता है…
- A.
निराश होता है।
- B.
लाचार होता है।
- C.
उदासीन होता है।
- D.
कृतज्ञ होता है
Attempted by 145 students.
Show answer & explanation
Correct answer: D
सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या: प्रश्न का सही उत्तर है: कृतज्ञ होता है।
प्रमाण:
पाठ में कहा गया है कि करुणा "अपना श्रम या प्रीति का फल" है। यह संकेत करता है कि करुणा देने के परिणामस्वरूप प्राप्तकर्ता में आभार या कृतज्ञता का भाव उत्पन्न होता है।
पाठ यह भी बताता है कि करुणा प्रत्युत्तर में करुणा वापस पाती है या नहीं, पर प्रश्न विशेष रूप से यह पूछता है कि करुणा पाकर व्यक्ति क्या होता है। प्रासंगिक वाक्य करुणा को प्रेम/श्रम का फल बताता है, जिससे 'कृतज्ञ' होना तार्किक निष्कर्ष है।
अन्य विकल्पों का संक्षिप्त खंडन:
निराश होना: पाठ में ऐसा कोई संकेत नहीं मिलता कि करुणा पाकर व्यक्ति निराश हो जाता है।
लाचार होना: पाठ करुणा के स्वभाव और प्रत्युत्तर की चर्चा करता है पर प्राप्तकर्ता के लाचार होने का उल्लेख नहीं करता।
प्रीतिकर नहीं होना: यह वाक्यांश पाठ के एक भाग से जुड़ता प्रतीत होता है क्योंकि कहीं कहा गया है कि बदले में करुणा लौटती नहीं है, पर प्रश्न का इरादा प्राप्तकर्ता की भावनात्मक प्रतिक्रिया (जैसे आभार) जानना है, और उसी आधार पर 'कृतज्ञ' श्रेष्ठ उत्तर है।