भारत में एकल नागरिकता का प्रावधान किस संविधान से लिया गया है ?
2024
भारत में एकल नागरिकता का प्रावधान किस संविधान से लिया गया है ?
Answer: A. ब्रिटिश संविधान — अवधारणासंघीय व्यवस्थाओं में नागरिकता का स्वरूप समान नहीं होता: कुछ देशों में केवल राष्ट्रीय नागरिकता होती है, जबकि कुछ में संघ और राज्य—दोनों स्तरों की…
- A.
ब्रिटिश संविधान
- B.
ऑस्ट्रेलिया के संविधान
- C.
कनाडा के संविधान
- D.
US संविधान
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Correct answer: A
अवधारणा
संघीय व्यवस्थाओं में नागरिकता का स्वरूप समान नहीं होता: कुछ देशों में केवल राष्ट्रीय नागरिकता होती है, जबकि कुछ में संघ और राज्य—दोनों स्तरों की नागरिकता मानी जाती है।
भारतीय संविधान संघीय शासन-रचना के बावजूद पूरे देश के लिए एकल नागरिकता देता है; इस विशेषता का स्रोत उस संवैधानिक व्यवस्था से पहचाना जाता है जहाँ अलग प्रांतीय नागरिकता नहीं है।
अनुप्रयोग
ब्रिटिश व्यवस्था एकात्मक शासन और एकल नागरिकता से जुड़ी है। संविधान-निर्माताओं ने भारत में संघीय शासन अपनाते हुए भी नागरिकता की यही एकल व्यवस्था रखी।
तुलना
ऑस्ट्रेलियाई संविधान से समवर्ती सूची और संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक जैसी विशेषताएँ जोड़ी जाती हैं।
कनाडाई संविधान से मजबूत केंद्र वाला संघीय ढाँचा और अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र में रखने की व्यवस्था जोड़ी जाती है।
अमेरिकी संविधान से मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन और राष्ट्रपति के महाभियोग जैसी विशेषताएँ जोड़ी जाती हैं।
निष्कर्ष
अतः भारत की एकल नागरिकता की व्यवस्था ब्रिटिश संविधान से ली गई है।