उस समुच्चय का चयन करें , जिसमें संख्याएं उसी प्रकार संबंधित हैं, जिस प्रकार…
2025
उस समुच्चय का चयन करें , जिसमें संख्याएं उसी प्रकार संबंधित हैं, जिस प्रकार निम्नलिखित समुच्चयों की संख्याएं संबंधित हैं। (नोट: संख्याओं को उनके घटक अंकों में तोड़े बिना संक्रियाएं पूर्ण संख्याओं पर की जानी चाहिए। उदाहरण के लिए 13 लीजिए - 13 पर संक्रियाएं जैसे कि 13 में जोड़ना/घटाना/गुणा आदि किया जा सकता है। 13 को 1 और 3 में तोड़ना तथा फिर 1 और 3 पर गणितीय संक्रियाएं करने की अनुमति नहीं है।) (12, 288, 12) (18, 180, 5)
Answer: A. (11, 242, 11) — अवधारणा — संख्या-समुच्चय सादृश्य में प्रत्येक समुच्चय एक ऐसे अंकगणितीय नियम से निर्मित होता है, जो स्वयं संपूर्ण संख्याओं पर लागू होता है, न कि उनके अलग-अलग…
- A.
(11, 242, 11)
- B.
(13, 328, 13)
- C.
(14, 392, 7)
- D.
(9, 162, 6)
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Correct answer: A
अवधारणा — संख्या-समुच्चय सादृश्य में प्रत्येक समुच्चय एक ऐसे अंकगणितीय नियम से निर्मित होता है, जो स्वयं संपूर्ण संख्याओं पर लागू होता है, न कि उनके अलग-अलग अंकों पर। जब किसी समुच्चय में तीन प्रविष्टियाँ होती हैं, तो नियम सामान्यतः गुणा के माध्यम से मध्य प्रविष्टि को दोनों बाहरी प्रविष्टियों से जोड़ता है; अतः पैटर्न के रूप में दिए गए समुच्चयों पर पहले गुणनफल-संबंध की जाँच करनी चाहिए।
यहाँ नियम का अनुप्रयोग
पहला दिया गया समुच्चय (12, 288, 12) लें और इसकी दोनों बाहरी प्रविष्टियों को गुणा करें: 12 × 12 = 144।
उस गुणनफल की मध्य प्रविष्टि से तुलना करें: 288 ÷ 144 = 2, अतः मध्य प्रविष्टि, बाहरी प्रविष्टियों के गुणनफल की दोगुनी है।
इसी नियम की जाँच दूसरे दिए गए समुच्चय (18, 180, 5) पर करें: बाहरी प्रविष्टियों से 18 × 5 = 90 प्राप्त होता है और 2 × 90 = 180, जो ठीक इसकी मध्य प्रविष्टि है।
अतः नियम है: मध्य प्रविष्टि = 2 × पहली प्रविष्टि × तीसरी प्रविष्टि।
पुनः जाँच — इस नियम को प्रत्येक विकल्प-समुच्चय पर लागू करें और इससे प्राप्त मान की तुलना उस समुच्चय में वास्तव में लिखी गई मध्य प्रविष्टि से करें।
विकल्प-समुच्चय | 2 × पहली × तीसरी | लिखी गई मध्य प्रविष्टि |
|---|---|---|
(11, 242, 11) | 2 × 11 × 11 = 242 | 242 |
(13, 328, 13) | 2 × 13 × 13 = 338 | 328 |
(14, 392, 7) | 2 × 14 × 7 = 196 | 392 |
(9, 162, 6) | 2 × 9 × 6 = 108 | 162 |
केवल (11, 242, 11) इस नियम को संतुष्ट करता है, क्योंकि 2 × 11 × 11 = 242; अतः यही अपेक्षित समुच्चय है। अन्य तीन समुच्चय विशिष्ट प्रकार से नियम को संतुष्ट नहीं करते: 392 = 2 × 14 × 14 और 162 = 2 × 9 × 9, अतः ये दोनों समुच्चय केवल तभी उपयुक्त होते, जब उनकी तीसरी प्रविष्टि उनकी पहली प्रविष्टि के समान होती; जबकि 2 × 13 × 13 = 338, जो उस समुच्चय में लिखे 328 से दस अधिक है।