आकृति II में विन्यास AII के संबंध में सही कथनों की पहचान कीजिए। A. मध्य पद…
2024
आकृति II में विन्यास AII के संबंध में सही कथनों की पहचान कीजिए।
A. मध्य पद दोनों आधार-वाक्यों में विधेय के रूप में आता है।
B. इसमें अव्याप्त मध्य पद का तर्कदोष होता है।
C. मध्य पद मुख्य आधार-वाक्य में व्याप्त होता है।
D. सकारात्मक आधार-वाक्यों से नकारात्मक निष्कर्ष प्राप्त होता है।
E. निष्कर्ष में कोई भी पद व्याप्त नहीं होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
Answer: B. केवल A, B और E — संकल्पनाकिसी निरुपाधिक न्यायवाक्य की आकृति उसके दो आधारवाक्यों में मध्यपद की स्थिति से निर्धारित होती है। आकृति II में मध्यपद बृहत् और लघु, दोनों आधारवाक्यों…
- A.
केवल C और D
- B.
केवल A, B और E
- C.
केवल B और C
- D.
केवल B, C और D
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Correct answer: B
संकल्पना
किसी निरुपाधिक न्यायवाक्य की आकृति उसके दो आधारवाक्यों में मध्यपद की स्थिति से निर्धारित होती है। आकृति II में मध्यपद बृहत् और लघु, दोनों आधारवाक्यों का विधेय होता है।
A प्रतिज्ञप्ति में उद्देश्य पद व्याप्त होता है, किंतु विधेय व्याप्त नहीं होता; I प्रतिज्ञप्ति किसी भी पद को व्याप्त नहीं करती। किसी वैध न्यायवाक्य में मध्यपद कम-से-कम एक बार व्याप्त होना चाहिए, और निषेधात्मक निष्कर्ष के लिए ठीक एक निषेधात्मक आधारवाक्य आवश्यक होता है।
अनुप्रयोग
आकृति II में विन्यास AII का निम्नलिखित मानक रूप है:
बृहत् आधारवाक्य (A): सभी P, M हैं। यहाँ M विधेय है, अतः मध्यपद व्याप्त नहीं है।
लघु आधारवाक्य (I): कुछ S, M हैं। यहाँ भी M विधेय है, और I प्रतिज्ञप्ति किसी भी पद को व्याप्त नहीं करती।
निष्कर्ष (I): कुछ S, P हैं। न तो S और न ही P व्याप्त है, तथा तीनों प्रतिज्ञप्तियाँ सकारात्मक हैं।
कथन | स्थिति | कारण |
|---|---|---|
A | सत्य | मध्य पद दोनों आधार-वाक्यों में विधेय है। |
B | सत्य | मध्य पद दोनों आधार-वाक्यों में अव्याप्त है। |
C | असत्य | A प्रतिज्ञप्ति का विधेय अव्याप्त होता है। |
D | असत्य | दोनों आधार-वाक्य और I निष्कर्ष सकारात्मक हैं। |
E | सत्य | I प्रतिज्ञप्ति किसी भी पद को व्याप्त नहीं करती। |
प्रतिपरीक्षण और तुलना
समुच्चय {C, D} में ऐसे दो दावे हैं जिनका AII के पद-व्याप्ति और गुण से खंडन होता है।
समुच्चय {B, C} में C को रखा गया है, जबकि मध्यपद बृहत् आधारवाक्य में अव्याप्त है।
समुच्चय {B, C, D} में C और D दोनों को रखा गया है, जो AII के विन्यास से असंगत हैं।
अतः सत्य कथनों का समुच्चय {A, B, E} है।