निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद संसद को सशस्त्र बलों के सदस्यों के मौलिक…
2025
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद संसद को सशस्त्र बलों के सदस्यों के मौलिक अधिकारों को प्रतिबंधित या निरस्त करने का अधिकार देता है?
Answer: D. अनुच्छेद 33 — अवधारणा: संविधान के भाग III द्वारा प्रत्याभूत मौलिक अधिकार निरपेक्ष नहीं हैं। भाग III में ही ऐसे समर्थकारी उपबंध हैं, जो विधानमंडल को विनिर्दिष्ट वर्गों के…
- A.
अनुच्छेद 35
- B.
अनुच्छेद 34
- C.
अनुच्छेद 36
- D.
अनुच्छेद 33
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Correct answer: D
अवधारणा: संविधान के भाग III द्वारा प्रत्याभूत मौलिक अधिकार निरपेक्ष नहीं हैं। भाग III में ही ऐसे समर्थकारी उपबंध हैं, जो विधानमंडल को विनिर्दिष्ट वर्गों के व्यक्तियों अथवा विनिर्दिष्ट परिस्थितियों में इन अधिकारों को सीमित करने की अनुमति देते हैं, ताकि कोई संवैधानिक प्रत्याभूति किसी सेवा के कार्यकरण के लिए आवश्यक अनुशासन और कमान-संरचना को बाधित न करे।
अनुप्रयोग: अनुच्छेद 33 संसद को विधि द्वारा यह निर्धारित करने की शक्ति प्रदान करता है कि भाग III द्वारा प्रदत्त अधिकारों में से कोई अधिकार, निम्नलिखित वर्गों के व्यक्तियों पर लागू होने के संबंध में, किस सीमा तक प्रतिबंधित या निरसित किया जाए, जिससे उनके कर्तव्यों का समुचित निर्वहन और उनमें अनुशासन बनाए रखना सुनिश्चित हो सके:
सशस्त्र बलों के सदस्य;
लोक व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व निभाने वाले बलों के सदस्य;
आसूचना या प्रति-आसूचना के प्रयोजनों के लिए राज्य द्वारा स्थापित किसी ब्यूरो अथवा अन्य संगठन में नियोजित व्यक्ति;
ऐसे किसी बल, ब्यूरो अथवा संगठन के लिए स्थापित दूरसंचार प्रणालियों में या उनके संबंध में नियोजित व्यक्ति।
इस उपबंध की दो सीमाएँ हैं। यह शक्ति केवल संसद को प्राप्त है, अतः कोई राज्य विधानमंडल इसका प्रयोग नहीं कर सकता; साथ ही, अधिकारों का सीमित किया जाना कर्तव्यों के समुचित निर्वहन और अनुशासन बनाए रखने से संबंधित होना चाहिए। सेना अधिनियम 1950, नौसेना अधिनियम 1957, वायुसेना अधिनियम 1950 तथा पुलिस बल (अधिकारों का प्रतिबंध) अधिनियम 1966 इसी शक्ति पर आधारित हैं।
तुलनात्मक पुष्टि: निकटवर्ती अनुच्छेदों को साथ रखकर देखने से विकल्प की पुष्टि होती है:
अनुच्छेद | विषय-वस्तु |
|---|---|
अनुच्छेद 33 | सशस्त्र तथा अन्य अनुशासित बलों पर भाग III के अधिकार किस सीमा तक लागू होंगे; यह शक्ति संसद में निहित है |
अनुच्छेद 34 | किसी क्षेत्र में सैन्य विधि प्रवृत्त होने के दौरान भाग III के अधिकारों पर प्रतिबंध तथा व्यवस्था पुनर्स्थापित करने के लिए किए गए कार्यों के संबंध में क्षतिपूर्ति |
अनुच्छेद 35 | भाग III के अंतर्गत उत्पन्न होने वाले कुछ विषयों पर विधि बनाने की शक्ति केवल संसद के लिए आरक्षित करता है |
अनुच्छेद 36 | भाग IV का प्रारंभिक उपबंध; राज्य के नीति निदेशक तत्वों के लिए ‘राज्य’ पद को परिभाषित करता है |
अतः संसद को सशस्त्र बलों के सदस्यों के मौलिक अधिकारों को प्रतिबंधित या निरसित करने की शक्ति प्रदान करने वाला अनुच्छेद 33 है।