9 : 3 : 3 : 1 लक्षणप्ररूपी अनुपात (phenotypic ratio), ______ है।

2025

9 : 3 : 3 : 1 लक्षणप्ररूपी अनुपात (phenotypic ratio), ______ है।

Answer: A. द्विसंकर क्रॉस के लिए चिरसम्मत मेंडलीय अनुपातअवधारणा (Concept): मेंडल के पृथक्करण के नियम के अनुसार एकल जीन-युग्म (एक लक्षण) के युग्मविकल्पी युग्मक निर्माण के समय पृथक होते हैं, जबकि स्वतंत्र अपव्यूहन के…

  1. A.

    द्विसंकर क्रॉस के लिए चिरसम्मत मेंडलीय अनुपात

  2. B.

    एकसंकर क्रॉस के लिए चिरसम्मत मेंडलीय अनुपात

  3. C.

    एकसंकर क्रॉस के लिए गैर-मेंडलीय अनुपात

  4. D.

    त्रिसंकर क्रॉस के लिए मेंडलीय अनुपात

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Correct answer: A

अवधारणा (Concept):

मेंडल के पृथक्करण के नियम के अनुसार एकल जीन-युग्म (एक लक्षण) के युग्मविकल्पी युग्मक निर्माण के समय पृथक होते हैं, जबकि स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार दो भिन्न जीन-युग्म (दो पृथक लक्षण) एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से युग्मकों में वितरित होते हैं। जब दो लक्षणों — प्रत्येक में पूर्ण प्रभाविता के साथ — के लिए विषमयुग्मजी जीवों को परस्पर संकरित (द्विसंकर क्रॉस) किया जाता है, तो संतति (F2) पीढ़ी लक्षणप्ररूपी रूप से चार वर्गों में 9 : 3 : 3 : 1 के अनुपात में विभाजित होती है।

अनुप्रयोग (Application):

  1. दो लक्षण लीजिए — बीज का आकार (R = गोल, प्रभावी; r = झुर्रीदार, अप्रभावी) और बीज का रंग (Y = पीला, प्रभावी; y = हरा, अप्रभावी)।

  2. दोनों जनक दोनों लक्षणों के लिए विषमयुग्मजी हैं: RrYy × RrYy।

  3. स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार प्रत्येक जनक चार प्रकार के युग्मक बनाता है — RY, Ry, rY, ry (2² = 4 प्रकार)।

  4. दोनों जनकों के युग्मकों के संयोजन से 4 × 4 = 16 कोष्ठकों की पनेट वर्ग (Punnett square) बनती है।

  5. इन 16 संतानों को लक्षणप्ररूप के अनुसार गिनने पर चार वर्ग प्राप्त होते हैं — गोल-पीला : गोल-हरा : झुर्रीदार-पीला : झुर्रीदार-हरा = 9 : 3 : 3 : 1।

सत्यापन (Cross-check):

यदि केवल एक जीन-युग्म पर विचार किया जाए (एकसंकर क्रॉस, Aa × Aa), तो प्रत्येक जनक केवल दो प्रकार के युग्मक बनाता है, कुल 4 संयोजन बनते हैं और संतति चार नहीं बल्कि दो वर्गों में 3 : 1 के अनुपात में विभाजित होती है। इसी प्रकार तीन जीन-युग्मों पर विचार करने पर (त्रिसंकर क्रॉस, AaBbCc × AaBbCc) प्रत्येक जनक आठ प्रकार के युग्मक बनाता है, कुल 64 संयोजन बनते हैं और अनुपात 27 : 9 : 9 : 9 : 3 : 3 : 3 : 1 होता है। अतः केवल दो स्वतंत्र रूप से अपव्यूहित जीन-युग्मों — अर्थात द्विसंकर क्रॉस — की स्थिति में ही 16 संयोजन चार वर्गों में बँटकर 9 : 3 : 3 : 1 का अनुपात देते हैं।

निष्कर्ष: 9 : 3 : 3 : 1 लक्षणप्ररूपी अनुपात द्विसंकर क्रॉस के लिए चिरसम्मत मेंडलीय अनुपात है।

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