परियोजना-आधारित अधिगम (PBL) में, अधिगम अनुभव की सफलता के लिए कौन-सा पहलू सबसे…
2025
परियोजना-आधारित अधिगम (PBL) में, अधिगम अनुभव की सफलता के लिए कौन-सा पहलू सबसे महत्वपूर्ण है?
Answer: A. विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की जटिल परियोजनाओं में शामिल करना, जिसमें लंबे समय तक आलोचनात्मक चिंतन करने, सहयोग करने और समस्या-समाधान करने की आवश्यकता होती है। — अवधारणापरियोजना-आधारित अधिगम एक विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण-पद्धति है, जो प्रामाणिक एवं जटिल समस्याओं के सतत अन्वेषण के आधार पर व्यवस्थित की जाती है। इसकी…
- A.
विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की जटिल परियोजनाओं में शामिल करना, जिसमें लंबे समय तक आलोचनात्मक चिंतन करने, सहयोग करने और समस्या-समाधान करने की आवश्यकता होती है।
- B.
परियोजना विषय से संबंधित तथ्यों को रटकर स्मरण करने पर बल देना।
- C.
सहयोगात्मक परियोजनाओं के बजाय केवल व्यक्तिगत असाइनमेंट (assignments) और परीक्षणों पर केंद्रित होना।
- D.
निर्देशों का एक विस्तृत सेट प्रदान करना और विद्यार्थियों से अपेक्षा करना कि वे बिना किसी विचलन के उनका अनुसरण करें।
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Correct answer: A
अवधारणा
परियोजना-आधारित अधिगम एक विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण-पद्धति है, जो प्रामाणिक एवं जटिल समस्याओं के सतत अन्वेषण के आधार पर व्यवस्थित की जाती है। इसकी आवश्यक विशेषताओं में विद्यार्थी की स्वायत्त सक्रियता, सहयोग, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान तथा एक सार्थक उत्पाद का निर्माण शामिल हैं।
अनुप्रयोग
यहाँ वास्तविक जीवन की एक जटिल परियोजना के इर्द-गिर्द निर्मित और दीर्घ अवधि तक चलने वाला उपागम अन्वेषण, आलोचनात्मक चिंतन, सहयोग तथा समस्या-समाधान को प्रत्यक्ष रूप से संयोजित करता है। ये प्रक्रियाएँ परियोजना को वह माध्यम बनाती हैं, जिसके द्वारा विद्यार्थी ज्ञान का निर्माण और अनुप्रयोग करते हैं।
तुलना
रटकर याद करना अधिगम को सतत अन्वेषण और ज्ञान के अनुप्रयोग के स्थान पर अलग-अलग तथ्यों के स्मरण पर केंद्रित करता है।
केवल व्यक्तिगत कार्यों और परीक्षाओं पर निर्भरता इस शिक्षण-पद्धति के केंद्रीय तत्त्व, अर्थात् सहयोगात्मक परियोजना-प्रक्रिया, को समाप्त कर देती है।
बिना किसी विचलन के एक निश्चित क्रम का पालन करना विद्यार्थी की स्वायत्त सक्रियता, अन्वेषण तथा पुनरावृत्तिमूलक समस्या-समाधान को सीमित करता है।
परिणाम
अतः विद्यार्थियों को ऐसी विस्तृत, प्रामाणिक एवं जटिल परियोजना में संलग्न करना, जिसमें आलोचनात्मक चिंतन, सहयोग और समस्या-समाधान आवश्यक हों, दिए गए विकल्पों में सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू है।