NCF-SE 2023 के अनुसार, स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यचर्या की विषय-वस्तु संबंधी…
2025
NCF-SE 2023 के अनुसार, स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यचर्या की विषय-वस्तु संबंधी अनुशंसाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? (a) मध्य चरण में विषय-वस्तु केवल परिचित संदर्भों से ली जानी चाहिए और उसमें केवल तत्काल परिवेश में प्रस्तुत विचारों तथा सिद्धांतों को शामिल किया जाना चाहिए। (b) आधारभूत और प्रारंभिक चरणों में विषय-वस्तु बच्चों के जीवन-अनुभवों से ली जानी चाहिए तथा उस सांस्कृतिक, भौगोलिक और सामाजिक संदर्भ को प्रतिबिंबित करना चाहिए जिसमें बच्चा विकसित और बड़ा हो रहा है।
Answer: D. केवल (b) सही है। — अवधारणापाठ्यचर्या की विषयवस्तु शिक्षार्थियों के विकासात्मक चरण के अनुरूप होनी चाहिए। एनसीएफ-एसई 2023 आरंभिक चरणों के प्रत्यक्ष-बोधपरक, व्यावहारिक और परिचित…
- A.
(a) और (b), दोनों सही हैं।
- B.
न तो (a) और न ही (b) सही है।
- C.
केवल (a) सही है।
- D.
केवल (b) सही है।
Attempted by 16 students.
Show answer & explanation
Correct answer: D
अवधारणा
पाठ्यचर्या की विषयवस्तु शिक्षार्थियों के विकासात्मक चरण के अनुरूप होनी चाहिए। एनसीएफ-एसई 2023 आरंभिक चरणों के प्रत्यक्ष-बोधपरक, व्यावहारिक और परिचित अनुभवों से आगे बढ़ते हुए बाद के चरणों में तत्काल परिवेश से परे के विचारों और सिद्धांतों की ओर अग्रसर होता है।
अतः किसी कथन की जाँच इस प्रगति की चरण-विशिष्ट दिशा के आधार पर की जानी चाहिए, न कि प्रत्येक चरण में विषयवस्तु की समान सीमा को अनिवार्य मानकर।
अनुप्रयोग
कथन (a) के अनुसार, मध्य चरण की विषयवस्तु केवल परिचित संदर्भों और तत्काल परिवेश तक ही सीमित रहनी चाहिए। इसके विपरीत, रूपरेखा मध्य और माध्यमिक चरणों में विषयवस्तु को परिचित दायरे से आगे बढ़ने तथा ऐसे विचारों और सिद्धांतों को सम्मिलित करने की अनुमति देती है जिनका तत्काल परिवेश में निरूपण नहीं होता; अतः कथन (a) अनुशंसा को उलट देता है।
कथन (b) के अनुसार, आधारभूत और प्रारंभिक चरणों की विषयवस्तु बच्चों के जीवन-अनुभवों से ली जानी चाहिए तथा उनके सांस्कृतिक, भौगोलिक और सामाजिक संदर्भ को प्रतिबिंबित करनी चाहिए। यह रूपरेखा की अनुशंसा को यथावत प्रस्तुत करता है; अतः कथन (b) समर्थित है।
पुनः जाँच
एनसीएफ-एसई 2023 की धारा 3.2.1 इन दोनों विचारों को एक क्रमिक प्रगति के रूप में प्रस्तुत करती है: आधारभूत और प्रारंभिक चरणों का मार्गदर्शन जीवन-अनुभव और स्थानीय संदर्भ करते हैं, जबकि मध्य और माध्यमिक चरण परिचित दायरे से आगे बढ़ सकते हैं।
विकल्पों का अंतर
“(a) और (b) दोनों” कथन (a) के प्रतिबंधात्मक दावे को बनाए रखता है।
“न तो (a), न ही (b)” कथन (b) में दिए गए चरण-विशिष्ट मार्गदर्शन को अस्वीकार करता है।
“केवल (a)” उस प्रतिबंध को स्वीकार करता है जिसे रूपरेखा बाद के चरणों के लिए स्पष्टतः शिथिल करती है।
“केवल (b)” आरंभिक चरणों के मार्गदर्शन को बनाए रखते हुए मध्य चरण से संबंधित उलटे प्रतिबंध को अस्वीकार करता है।
निष्कर्ष
अतः केवल कथन (b) सही है।