जेंडर को परिभाषित कीजिए।
2025
जेंडर को परिभाषित कीजिए।
- A.
जन्म से निर्धारित शारीरिक विशेषक
- B.
अपरिवर्तनीय प्राकृतिक अंतर
- C.
पुरुषों और महिलाओं का विभेद करने वाली सांस्कृतिक और सामाजिक रचना
- D.
पुरुषों और महिलाओं के बीच जैविक विभेद
Attempted by 5 students.
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Correct answer: C
अवधारणा: समाजशास्त्र और शिक्षाशास्त्र में लिंग (Sex) और जेंडर (Gender) के बीच एक बुनियादी अंतर किया जाता है। लिंग जन्म के समय शरीर-रचना, प्रजनन अंगों व गुणसूत्रों के आधार पर तय होने वाला जैविक तथ्य है, जबकि जेंडर वे भूमिकाएँ, व्यवहार व अपेक्षाएँ हैं जिन्हें समाज और संस्कृति गढ़ते हैं तथा जो समय, स्थान व परिस्थिति के साथ बदल सकती हैं।
अनुप्रयोग: प्रश्न में जेंडर की परिभाषा पूछी गई है। दिए गए विकल्पों में "पुरुषों और महिलाओं का विभेद करने वाली सांस्कृतिक और सामाजिक रचना" यह विकल्प उपरोक्त अवधारणा से पूर्णतः मेल खाता है, क्योंकि यह इसे सामाजिक-सांस्कृतिक निर्माण के रूप में परिभाषित करता है, न कि किसी जैविक तथ्य के रूप में।
तुलना: शेष विकल्प निम्न कारणों से जेंडर की परिभाषा नहीं दर्शाते:
"जन्म से निर्धारित शारीरिक विशेषक" — जन्मजात शरीर-रचना पर आधारित होने के कारण यह लिंग (जैविक तथ्य) का विवरण है, समाज-निर्मित संकल्पना का नहीं।
"अपरिवर्तनीय प्राकृतिक अंतर" — 'अपरिवर्तनीय' शब्द जेंडर की सामाजिक-सांस्कृतिक प्रकृति के विपरीत है, क्योंकि जेंडर समय और संस्कृति के साथ बदलता रहता है।
"पुरुषों और महिलाओं के बीच जैविक विभेद" — यह भी शरीर-रचना पर आधारित लिंग की परिभाषा है, सामाजिक निर्माण की नहीं।
निष्कर्ष: अतः जेंडर को परिभाषित करने वाला सही विकल्प वह है जो इसे सामाजिक-सांस्कृतिक निर्माण के रूप में बताता है, अर्थात "पुरुषों और महिलाओं का विभेद करने वाली सांस्कृतिक और सामाजिक रचना"।