निम्नलिखित संख्या श्रृंखला का संदर्भ लें और निम्न प्रश्न का उत्तर दें। गिनती…
2025
निम्नलिखित संख्या श्रृंखला का संदर्भ लें और निम्न प्रश्न का उत्तर दें। गिनती केवल बाएं से दाएं की जानी है। (सभी संख्याएँ केवल एकल-अंकीय संख्याएँ हैं।)
(बाएं) 6 8 5 7 3 7 4 1 3 6 2 1 9 7 8 9 7 1 5 7 9 4 3 1 5 2 5 (दाएं)
ऐसे कितने विषम अंक हैं जिनके ठीक पहले एक सम अंक है और ठीक बाद में भी एक सम अंक है?
- A.
एक भी नहीं
- B.
तीन
- C.
चार
- D.
दो
Attempted by 2 students.
Show answer & explanation
Correct answer: A
सिद्धांत
श्रृंखला में यह ज्ञात करने के लिए कि किसी अंक के "ठीक पहले" और "ठीक बाद" दोनों स्थानों पर एक निश्चित प्रकार (सम/विषम) का अंक है या नहीं, श्रृंखला के प्रत्येक आंतरिक पद को उसके ठीक पहले वाले और ठीक बाद वाले पद के साथ मिलाकर तीन-तीन पदों के समूह (त्रिक) में जाँचा जाता है। पहला और अंतिम पद इस जाँच में शामिल नहीं होते क्योंकि उनका केवल एक ही पड़ोसी पद होता है। जिस त्रिक का बीच वाला अंक विषम हो तथा उसके ठीक पहले और ठीक बाद दोनों अंक सम हों, केवल वही त्रिक अपेक्षित शर्त को पूरा करता है।
प्रयोग
दी गई 27 पदों वाली श्रृंखला — 6 8 5 7 3 7 4 1 3 6 2 1 9 7 8 9 7 1 5 7 9 4 3 1 5 2 5 — में कुल 19 विषम अंक हैं। इनमें से पद 27 (अंतिम पद) का कोई अगला पद नहीं है, इसलिए वह जाँच से बाहर रहता है। शेष 18 विषम अंकों में से प्रत्येक की — उसके ठीक पहले और ठीक बाद वाले अंक की समता सहित — जाँच नीचे दी गई है:
पद संख्या | अंक | ठीक पहले वाले अंक की समता | ठीक बाद वाले अंक की समता | शर्त पूर्ण? |
|---|---|---|---|---|
3 | 5 | सम | विषम | नहीं |
4 | 7 | विषम | विषम | नहीं |
5 | 3 | विषम | विषम | नहीं |
6 | 7 | विषम | सम | नहीं |
8 | 1 | सम | विषम | नहीं |
9 | 3 | विषम | सम | नहीं |
12 | 1 | सम | विषम | नहीं |
13 | 9 | विषम | विषम | नहीं |
14 | 7 | विषम | सम | नहीं |
16 | 9 | सम | विषम | नहीं |
17 | 7 | विषम | विषम | नहीं |
18 | 1 | विषम | विषम | नहीं |
19 | 5 | विषम | विषम | नहीं |
20 | 7 | विषम | विषम | नहीं |
21 | 9 | विषम | सम | नहीं |
23 | 3 | सम | विषम | नहीं |
24 | 1 | विषम | विषम | नहीं |
25 | 5 | विषम | सम | नहीं |
जाँच (क्रॉस-चेक)
श्रृंखला को दाएं से बाएं की दिशा में पढ़ने पर "ठीक पहले" और "ठीक बाद" की भूमिकाएँ केवल आपस में बदल जाती हैं; जो त्रिक एक दिशा में सम-विषम-सम नहीं बनता, वह विपरीत दिशा में पढ़ने पर भी सम-विषम-सम नहीं बनेगा। अतः दिशा बदलकर दोहराई गई जाँच भी वही परिणाम देती है — ऊपर की सारणी का कोई भी पद शर्त को पूरा नहीं करता।
इसलिए ऐसे विषम अंकों की संख्या जिनके ठीक पहले और ठीक बाद दोनों ओर सम अंक स्थित हों, शून्य है — अर्थात सही उत्तर "एक भी नहीं" है।