दिए गए कथनों और निष्कर्षों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। यह मानते हुए कि कथनों में दी…
2025
दिए गए कथनों और निष्कर्षों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। यह मानते हुए कि कथनों में दी गई जानकारी सत्य है, भले ही वह सामान्यतः ज्ञात तथ्यों से भिन्न प्रतीत होती हो, तय करें कि दिए गए निष्कर्षों में से कौन-से निष्कर्ष, कथनों का तार्किक रूप से अनुसरण करते हैं।
कथन:
सभी सेब, भालू हैं।
कोई भालू, चूहा नहीं है।
कोई भालू, अंजीर नहीं है।
निष्कर्ष:
(I) कोई सेब, चूहा नहीं है।
(II) कुछ अंजीर, चूहे हैं।
Answer: D. केवल निष्कर्ष (I) अनुसरण करता है। — अवधारणा: न्यायवाक्य में कोई निष्कर्ष तभी अनुसरण करता है, जब वह दिए गए कथनों के अनुरूप वर्गों के प्रत्येक विन्यास में सत्य हो; यदि एक भी अनुरूप विन्यास में वह…
- A.
केवल निष्कर्ष (II) अनुसरण करता है।
- B.
निष्कर्ष (I) और (II) दोनों अनुसरण करते हैं।
- C.
न तो निष्कर्ष (I) और न ही निष्कर्ष (II) अनुसरण करता है।
- D.
केवल निष्कर्ष (I) अनुसरण करता है।
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Correct answer: D
अवधारणा: न्यायवाक्य में कोई निष्कर्ष तभी अनुसरण करता है, जब वह दिए गए कथनों के अनुरूप वर्गों के प्रत्येक विन्यास में सत्य हो; यदि एक भी अनुरूप विन्यास में वह असत्य हो, तो वह अनुसरण नहीं करता। इस प्रश्न का निर्णय दो मानक नियमों से होता है: एक सार्वभौमिक सकारात्मक को एक सार्वभौमिक नकारात्मक के साथ मिलाने पर—"सभी क, ख हैं" और "कोई ख, ग नहीं है"—वैध रूप से सार्वभौमिक नकारात्मक निष्कर्ष "कोई क, ग नहीं है" प्राप्त होता है; तथा एक ही मध्य पद वाले दो सार्वभौमिक नकारात्मक—"कोई ख, ग नहीं है" और "कोई ख, घ नहीं है"—ग और घ के बीच कोई भी वैध निष्कर्ष नहीं देते।
अनुप्रयोग: इन नियमों को कथनों में दिए गए वर्गों पर लागू करें।
कथनों को क्षेत्रों के रूप में निरूपित करें: प्रत्येक सेब भालुओं के वर्ग के भीतर है, चूहों का वर्ग भालुओं से पूर्णतः बाहर है और अंजीरों का वर्ग भी भालुओं से पूर्णतः बाहर है।
"कोई सेब, चूहा नहीं है" निष्कर्ष की जाँच करें: सभी सेब भालुओं के भीतर हैं और भालुओं का कोई भी भाग चूहों के भीतर नहीं है, इसलिए कोई सेब चूहों के भीतर नहीं हो सकता। यह कथनों के अनुरूप प्रत्येक विन्यास में सत्य है, इसलिए यह निष्कर्ष अनुसरण करता है।
"कुछ अंजीर, चूहे हैं" निष्कर्ष की जाँच करें: कथन अंजीरों को भालुओं से बाहर और चूहों को भालुओं से बाहर रखते हैं, किंतु अंजीर और चूहे एक-दूसरे के सापेक्ष किस प्रकार स्थित हैं, इस विषय में कुछ नहीं कहते। भालुओं के बाहर वे आंशिक रूप से अतिव्याप्त हो सकते हैं, पूर्णतः अतिव्याप्त हो सकते हैं अथवा पूरी तरह पृथक रह सकते हैं।
एक ऐसा अनुरूप विन्यास बनाएँ, जिसमें अंजीर और चूहे भालुओं के बाहर स्थित दो पृथक क्षेत्र हों। उस विन्यास में "कुछ अंजीर, चूहे हैं" असत्य है, इसलिए यह केवल एक संभावना है, अनिवार्यता नहीं; अतः यह निष्कर्ष अनुसरण नहीं करता।
निष्कर्ष | प्रतिज्ञप्ति का प्रकार | क्या यह अनुसरण करता है? |
|---|---|---|
कोई सेब, चूहा नहीं है | सार्वभौमिक नकारात्मक (कोई—नहीं है) | अनुसरण करता है |
कुछ अंजीर, चूहे हैं | विशेष सकारात्मक (कुछ—हैं) | अनुसरण नहीं करता |
पुनः जाँच: दोनों निष्कर्ष पूरक युग्म नहीं हैं, क्योंकि वे समान दो वर्गों के "कुछ हैं" और "कोई नहीं है" रूप नहीं हैं; इसलिए यहाँ या तो—या की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अंजीरों और चूहों को भालुओं के बाहर पूर्णतः अतिव्याप्त क्षेत्रों के रूप में पुनः बनाने पर भी "कोई सेब, चूहा नहीं है" सत्य रहता है, जिससे पुष्टि होती है कि कथनों द्वारा केवल सेब और चूहे से संबंधित निष्कर्ष ही अनिवार्य होता है।
परिणाम: दिए गए कथनों से केवल "कोई सेब, चूहा नहीं है" निष्कर्ष तार्किक रूप से अनुसरण करता है।