एक कथन दिया गया है, जिसके बाद I और II से क्रमांकित दो संभावित कारण दिए गए हैं।…
2025
एक कथन दिया गया है, जिसके बाद I और II से क्रमांकित दो संभावित कारण दिए गए हैं। कथन को ध्यानपूर्वक पढ़िए और निर्णय लीजिए कि दिए गए दोनों कारणों में से कौन-सा/से कारण, कथन में दी गई घटना/अवलोकन/सूचना की व्याख्या करता है/करते हैं।
कथन
विश्व का अधिकांश व्यापार और माल का स्थानांतरण समुद्री मार्गों से होता है।
कारण
I) अन्य परिवहन साधनों की तुलना में जहाजों की क्षमता अधिक होती है, जिससे बड़ी मात्रा में माल का परिवहन सस्ता होता है।
II) अन्य परिवहन साधनों की तुलना में समुद्री मार्ग माल की कुशल डिलीवरी प्रदान करते हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है।
Answer: C. I और II दोनों संभावित कारण हैं। — अवधारणाकिसी प्रस्तावित कारण को दिए गए प्रेक्षण की प्रत्यक्ष और युक्तिसंगत व्याख्या प्रस्तुत करनी चाहिए। एक से अधिक कारण एक साथ प्रभावी हो सकते हैं; प्रत्येक…
- A.
केवल II ही संभावित कारण है।
- B.
न तो I और न ही II संभावित कारण है।
- C.
I और II दोनों संभावित कारण हैं।
- D.
केवल I ही संभावित कारण है।
Attempted by 50 students.
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Correct answer: C
अवधारणा
किसी प्रस्तावित कारण को दिए गए प्रेक्षण की प्रत्यक्ष और युक्तिसंगत व्याख्या प्रस्तुत करनी चाहिए।
एक से अधिक कारण एक साथ प्रभावी हो सकते हैं; प्रत्येक कारण के कारणात्मक संबंध की स्वतंत्र रूप से जाँच की जानी चाहिए।
अनुप्रयोग
कारण I जहाजों की उच्च वहन क्षमता को चिह्नित करता है। एक ही बार में अत्यंत बड़ी खेपों का परिवहन पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ उत्पन्न करता है और प्रति इकाई परिवहन लागत घटाता है; अतः यह समुद्र के माध्यम से थोक अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहित करता है।
कारण II प्रासंगिक लागत एवं मात्रा के संदर्भ में वितरण दक्षता को चिह्नित करता है। स्थापित समुद्री मार्ग बड़ी खेपों को समन्वित लॉजिस्टिक्स शृंखला के माध्यम से कम लॉजिस्टिक्स लागत पर पहुँचा सकते हैं; इससे वस्तु-व्यापार में उनके व्यापक उपयोग की भी व्याख्या होती है।
पुनःजाँच
दोनों कारण परस्पर अपवर्जी न होकर परस्पर पूरक हैं। क्षमता थोक परिवहन से प्राप्त आर्थिक लाभ की व्याख्या करती है, जबकि लॉजिस्टिक्स दक्षता संपूर्ण वितरण शृंखला में लागत-लाभ की व्याख्या करती है।
तुलना
केवल II का चयन, I में दिए गए स्वतंत्र रूप से प्रासंगिक क्षमता एवं पैमाने संबंधी स्पष्टीकरण को अपवर्जित करता है।
‘न तो I और न ही II’ का चयन, बताए गए दोनों लागत-तंत्रों को अस्वीकार करता है।
I और II दोनों का चयन, दोनों परस्पर पूरक कारणात्मक तंत्रों को बनाए रखता है।
केवल I का चयन, II में दिए गए स्वतंत्र रूप से प्रासंगिक लॉजिस्टिक्स-लागत संबंधी स्पष्टीकरण को अपवर्जित करता है।
अतः I और II दोनों संभावित कारण हैं।