नाभिकीय विद्युत संयंत्र के चरणों का प्रारंभ से अंत की ओर का सही क्रम क्या है?…
2024
नाभिकीय विद्युत संयंत्र के चरणों का प्रारंभ से अंत की ओर का सही क्रम क्या है?
A. नियंत्रित शृंखलाबद्ध अभिक्रिया
B. न्यूट्रॉनों का मंदन
C. न्यूट्रॉन द्वारा बमबारी
D. ऊष्मा उत्सर्जन
E. रेडियोधर्मी नाभिक (न्यूक्लिअस) द्वारा न्यूट्रॉन का अवशोषण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Answer: A. C, E, B, A, D — अवधारणाविखंडन रिएक्टर में न्यूट्रॉन सर्वप्रथम एक विखंडनीय नाभिक के साथ अंतःक्रिया करता है। न्यूट्रॉन का अवशोषण नाभिक को अस्थिर बना देता है तथा अतिरिक्त…
- A.
C, E, B, A, D
- B.
A, B, C, D, E
- C.
B, C, D, A, E
- D.
D, E, C, B, A
Show answer & explanation
Correct answer: A
अवधारणा
विखंडन रिएक्टर में न्यूट्रॉन सर्वप्रथम एक विखंडनीय नाभिक के साथ अंतःक्रिया करता है। न्यूट्रॉन का अवशोषण नाभिक को अस्थिर बना देता है तथा अतिरिक्त न्यूट्रॉनों के साथ ऊर्जा मुक्त करता है। मॉडरेटर उन न्यूट्रॉनों की गति कम करता है, जबकि नियंत्रण प्रणालियाँ उनके गुणन को नियंत्रित दर पर बनाए रखती हैं, जिससे मुक्त ऊर्जा को ऊष्मा के रूप में संचित किया जा सके।
अनुप्रयोग
न्यूट्रॉन बमबारी अंतःक्रिया प्रारंभ करती है।
रेडियोधर्मी अथवा विखंडनीय नाभिक आपतित न्यूट्रॉन को अवशोषित करता है।
उत्सर्जित न्यूट्रॉनों की गति मॉडरेटर द्वारा कम की जाती है, ताकि वे प्रभावी रूप से विखंडन जारी रख सकें।
नियंत्रित शृंखला अभिक्रिया बनाए रखने के लिए उनकी संख्या विनियमित की जाती है।
अंततः विखंडन ऊर्जा, विद्युत उत्पादन हेतु ऊष्मा के रूप में प्रकट होती है।
पुनः-जाँच
यह भौतिक प्रवाह का अनुसरण करता है: प्रारंभकारी न्यूट्रॉन → अवशोषण → मुक्त न्यूट्रॉनों का मंदन → नियंत्रित प्रसार → उपयोगी ऊष्मा।
परिणाम
अतः क्रम C, E, B, A, D है।