अवसीमा (थ्रेशोल्ड) मात्रा है:

2024

अवसीमा (थ्रेशोल्ड) मात्रा है:

Answer: D. अधिकतम सीमा जिस पर कोई विषाक्त प्रभाव घटित नहीं होता है।संकल्पना: अधिकांश गैर-कैंसरकारी विषाक्त पदार्थों के लिए मात्रा-अनुक्रिया संबंध में एक अवसीमा होना माना जाता है। उद्भासन के एक निश्चित स्तर तक शरीर के विषहरण,…

  1. A.

    मात्रा जो उद्भासित जनसंख्या के लिये घातक है।

  2. B.

    अधिकतम मात्रा जिस पर विषाक्त प्रभाव घटित होता है।

  3. C.

    न्यूनतम सीमा जिस पर कोई विषाक्त प्रभाव घटित नहीं होता है।

  4. D.

    अधिकतम सीमा जिस पर कोई विषाक्त प्रभाव घटित नहीं होता है।

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Correct answer: D

संकल्पना: अधिकांश गैर-कैंसरकारी विषाक्त पदार्थों के लिए मात्रा-अनुक्रिया संबंध में एक अवसीमा होना माना जाता है। उद्भासन के एक निश्चित स्तर तक शरीर के विषहरण, मरम्मत और उत्सर्जन तंत्र उस पदार्थ को निष्प्रभावी कर देते हैं तथा किसी प्रतिकूल प्रभाव का पता नहीं चलता; उस स्तर से आगे प्रभाव प्रकट होता है और फिर मात्रा के साथ बढ़ता जाता है। अवसीमा मात्रा को इस प्रभाव-रहित क्षेत्र की ऊपरी सीमा पर परिभाषित किया जाता है: यह वह अधिकतम उद्भासन है जिसे कोई तंत्र सहन कर सकता है और फिर भी उसमें कोई प्रेक्षणीय विषाक्त प्रभाव दिखाई नहीं देता।

अनुप्रयोग: प्रश्नांश पूछता है कि अवसीमा मात्रा किस परिमाण को कहा जाता है। वर्णित सीमा प्रभाव-रहित क्षेत्र के ऊपरी सिरे पर स्थित है—न कि उसके निचले सिरे पर और न ही उस परास के भीतर जहाँ विषाक्तता पहले से उपस्थित है। अतः अपेक्षित परिमाण वह अधिकतम सीमा है जिस पर कोई विषाक्त प्रभाव उत्पन्न नहीं होता।

प्रस्तुत अन्य मात्राओं से तुलना:

  • उद्भासित समष्टि के लिए घातक मात्रा, LD50 जैसा मृत्यु-अंत्यबिंदु है, जो प्रभाव-रहित क्षेत्र से बहुत ऊपर स्थित होता है।

  • वह अधिकतम मात्रा जिस पर विषाक्त प्रभाव उत्पन्न होता है, विषाक्त परास की ऊपरी सीमा होगी, जो एकदिश रूप से बढ़ती मात्रा-अनुक्रिया के लिए केवल उस स्थान से निर्धारित होती है जहाँ परीक्षण समाप्त होता है।

  • वह न्यूनतम सीमा जिस पर कोई विषाक्त प्रभाव उत्पन्न नहीं होता, उद्भासन-मापनी के बिल्कुल निचले सिरे पर, शून्य मात्रा पर या उसके निकट स्थित होती है।

  • वह अधिकतम सीमा जिस पर कोई विषाक्त प्रभाव उत्पन्न नहीं होता, प्रभाव-रहित क्षेत्र की ठीक ऊपरी सीमा है और अवसीमा मात्रा इसी को चिह्नित करती है।

मात्रा-मापनी के संबद्ध संकेतक:

पद

मात्रा-मापनी पर चिह्नित स्तर

अवसीमा मात्रा / NOAEL

उच्चतम उद्भासन जिस पर कोई प्रतिकूल प्रभाव प्रेक्षित नहीं होता

LOAEL

न्यूनतम उद्भासन जिस पर प्रतिकूल प्रभाव पहली बार प्रेक्षित होता है

LD50

उद्भासित परीक्षण-समष्टि के 50 प्रतिशत के लिए घातक मात्रा

TLV

बार-बार होने वाले दैनिक उद्भासन के लिए सुरक्षित मानी गई व्यावसायिक उद्भासन सीमा

यथार्थतः, वास्तविक अवसीमा का प्रत्यक्ष प्रेक्षण नहीं किया जा सकता: यह प्रयोगात्मक रूप से निर्धारित NOAEL — वह उच्चतम मात्रा जिस पर कोई प्रेक्षित प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता — और LOAEL — वह न्यूनतम मात्रा जिस पर प्रतिकूल प्रभाव प्रेक्षित होता है — के बीच स्थित होती है। चूँकि NOAEL वह मापित मान है जो प्रभाव-रहित क्षेत्र को ऊपर से परिसीमित करता है, इसलिए परीक्षाओं और विनियमन दोनों में यह अवसीमा मात्रा का मानक प्रचालनात्मक प्रतिनिधि है।

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