किसी पशु द्वारा बायोमास में कुल वृद्धि को कहा जाता है

2024

किसी पशु द्वारा बायोमास में कुल वृद्धि को कहा जाता है

Answer: B. सकल द्वितीयक उत्पादकतासंकल्पनापारिस्थितिक उत्पादकता वह दर है जिस पर ऊर्जा नए कार्बनिक पदार्थ, अर्थात् बायोमास, के रूप में किसी पोषी स्तर पर संचित होती है। उत्पादकता का कोई भी पद दो…

  1. A.

    सकल प्राथमिक उत्पादकता

  2. B.

    सकल द्वितीयक उत्पादकता

  3. C.

    निवल (नेट) प्राथमिक उत्पादकता

  4. D.

    निवल (नेट) द्वितीयक उत्पादकता

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Correct answer: B

संकल्पना

पारिस्थितिक उत्पादकता वह दर है जिस पर ऊर्जा नए कार्बनिक पदार्थ, अर्थात् बायोमास, के रूप में किसी पोषी स्तर पर संचित होती है। उत्पादकता का कोई भी पद दो स्वतंत्र चयनों से निर्धारित होता है, और दोनों चयनों को बताने पर उस पद का नाम निर्धारित हो जाता है।

  • पोषी अक्ष: उत्पादक अर्थात् स्वपोषी प्राथमिक उत्पादकता उत्पन्न करते हैं, जबकि उपभोक्ता अर्थात् प्राणियों जैसे परपोषी द्वितीयक उत्पादकता उत्पन्न करते हैं।

  • लेखांकन अक्ष: सकल वह संपूर्ण मात्रा है जिसे जीव द्वारा श्वसन पर उसका कोई भाग व्यय किए जाने से पहले ग्रहण या आत्मसात किया जाता है, और निवल वह मात्रा है जो इस व्यय के बाद बचती है; अतः निवल = सकल − श्वसन।

यहाँ इसका अनुप्रयोग

  1. प्रश्न का विषय एक प्राणी है। कोई प्राणी सौर ऊर्जा को स्थिर नहीं कर सकता; वह उस कार्बनिक पदार्थ को ग्रहण करता है जिसे उत्पादक पहले ही बना चुका होता है। अतः वह परपोषी है और उसकी उत्पादकता पोषी अक्ष के द्वितीयक पक्ष में आती है। इसलिए प्राथमिक उत्पादकता के दोनों पद विचार से बाहर हो जाते हैं।

  2. पूछी गई मात्रा बायोमास में कुल वृद्धि है। कुल का अर्थ है कि प्राणी द्वारा श्वसन में जलाई गई ऊर्जा के लिए अभी कोई कटौती नहीं की गई है; अतः लेखांकन अक्ष पर यह सकल मात्रा है, घटी हुई मात्रा नहीं।

  3. पोषी अक्ष पर द्वितीयक और लेखांकन अक्ष पर सकल को मिलाने से सकल द्वितीयक उत्पादकता प्राप्त होती है, और इस प्रश्नपत्र की आधिकारिक एनटीए उत्तर-कुंजी में इसी को सही चिह्नित किया गया है।

संपूर्ण सारणी से पुनः जाँच

पोषी स्तर

सकल, श्वसन से पहले

निवल, श्वसन के बाद

उत्पादक, हरे पौधे

सकल प्राथमिक उत्पादकता

निवल (नेट) प्राथमिक उत्पादकता

उपभोक्ता, प्राणी

सकल द्वितीयक उत्पादकता

निवल (नेट) द्वितीयक उत्पादकता

यहाँ ‘कुल’ शब्द निर्णायक है। यदि प्रश्न में इसके स्थान पर उस बायोमास के बारे में पूछा गया होता जो प्राणी के श्वसन-व्यय के बाद अंततः उसके ऊतकों में निर्मित होकर शेष रहता है, तो उत्तर उसी पंक्ति में एक स्तंभ आगे खिसककर निवल (नेट) द्वितीयक उत्पादकता हो जाता। उपभोक्ता से संबंधित दोनों पदों में अंतर केवल श्वसन की उसी एक कटौती का है; इसलिए पदबंध को पहचानने की अपेक्षा उसके पहले आए विशेषक को पढ़ना अधिक महत्त्वपूर्ण है।

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