अंतरवैयक्तिक संचार की तीन अवस्थाएँ कौन-सी हैं? A. फेटिक अवस्था B. प्लैटो…
2024
अंतरवैयक्तिक संचार की तीन अवस्थाएँ कौन-सी हैं?
A. फेटिक अवस्था
B. प्लैटो अवस्था
C. वैयक्तिक अवस्था
D. प्रॉक्सेमिक्स अवस्था
E. अंतरंग अवस्था
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
Answer: B. केवल A, C और E — अवधारणाअंतरवैयक्तिक संचार को संबंधों की गहनता के विभिन्न स्तरों से होकर आगे बढ़ने वाली प्रक्रिया के रूप में समझा जा सकता है। फेटिक अवस्था में सामाजिक परंपराओं…
- A.
केवल A, B और C
- B.
केवल A, C और E
- C.
केवल C, D और E
- D.
केवल B, C और D
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Correct answer: B
अवधारणा
अंतरवैयक्तिक संचार को संबंधों की गहनता के विभिन्न स्तरों से होकर आगे बढ़ने वाली प्रक्रिया के रूप में समझा जा सकता है।
फेटिक अवस्था में सामाजिक परंपराओं और सामान्य बातचीत का प्रयोग होता है, वैयक्तिक अवस्था में व्यक्तिगत विचार और अनुभव साझा किए जाते हैं तथा अंतरंग अवस्था में गहरा विश्वास और आत्म-प्रकटीकरण शामिल होता है।
अनुप्रयोग
इस क्रमिक प्रगति के अनुरूप अवस्थाएँ फेटिक, वैयक्तिक और अंतरंग हैं। इस वर्गीकरण में प्लैटो कोई अवस्था नहीं है, जबकि प्रॉक्सेमिक्स अशाब्दिक संचार में स्थान और दूरी की भूमिका से संबंधित है।
अंतर स्पष्ट करना
फेटिक अवस्था: नियमित अभिवादन और सामाजिक रूप से अपेक्षित संवाद संपर्क आरंभ करते हैं।
प्लैटो अवस्था: यह नाम यहाँ प्रयुक्त त्रि-अवस्था मॉडल का भाग नहीं है।
वैयक्तिक अवस्था: प्रतिभागी व्यक्तिगत विचार, प्राथमिकताएँ और अनुभव साझा करते हैं।
प्रॉक्सेमिक्स: यह अंतरवैयक्तिक स्थान का अध्ययन या उपयोग है, इस मॉडल की कोई अवस्था नहीं।
अंतरंग अवस्था: संचार में विश्वास, भावनात्मक निकटता और अधिक गहन आत्म-प्रकटीकरण शामिल होते हैं।
परिणाम
अतः तीन अवस्थाएँ फेटिक, वैयक्तिक और अंतरंग हैं।