1882 के भारतीय शिक्षा आयोग (हंटर आयोग) की नियुक्ति किसके प्रशासन के अधीन की गई…
2024
1882 के भारतीय शिक्षा आयोग (हंटर आयोग) की नियुक्ति किसके प्रशासन के अधीन की गई थी?
Answer: B. लॉर्ड रिपन — अवधारणाऐतिहासिक आयोगों की पहचान करते समय नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी और आयोग के अध्यक्ष के बीच अंतर करना चाहिए। किसी आयोग की तिथि तथा गवर्नर-जनरल या वायसराय…
- A.
लॉर्ड कर्जन
- B.
लॉर्ड रिपन
- C.
लॉर्ड ऑकलैंड
- D.
लॉर्ड डफरिन
Show answer & explanation
Correct answer: B
अवधारणा
ऐतिहासिक आयोगों की पहचान करते समय नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी और आयोग के अध्यक्ष के बीच अंतर करना चाहिए।
किसी आयोग की तिथि तथा गवर्नर-जनरल या वायसराय का कार्यकाल मिलकर यह निर्धारित करते हैं कि उसकी पहल किसने की थी।
अनुप्रयोग
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की जाँच के लिए 1882 में भारतीय शिक्षा आयोग नियुक्त किया गया था।
1882 में लॉर्ड रिपन भारत के वायसराय थे; उनका कार्यकाल 1880 से 1884 तक था।
सर विलियम हंटर ने आयोग की अध्यक्षता की थी। अतः हंटर नाम आयोग के अध्यक्ष को इंगित करता है, जबकि रिपन नियुक्ति करने वाले वायसराय थे, जिनकी पहल पर आयोग गठित हुआ था।
तुलना
लॉर्ड कर्ज़न का कार्यकाल बाद में रहा और वे 1902 के विश्वविद्यालय आयोग तथा 1904 के भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम से संबद्ध हैं।
लॉर्ड ऑकलैंड का कार्यकाल बहुत पहले, 1836 से 1842 तक रहा था।
लॉर्ड डफरिन ने लॉर्ड रिपन के बाद ही, 1884 में पदभार ग्रहण किया था।
पुनः जाँच
वर्ष 1882 लॉर्ड रिपन के 1880–1884 के कार्यकाल के अंतर्गत आता है। अतः इस पहल का श्रेय लॉर्ड रिपन को दिया जाता है।