निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें A. माध्यमिक शिक्षा आयोग B. कोठारी…
2024
निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें
A. माध्यमिक शिक्षा आयोग
B. कोठारी शिक्षा आयोग
C. यूजीसी की स्थापना
D. चट्टोपाध्याय आयोग
E. विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Answer: C. E, A, C, B, D — संकल्पना: किसी सूची को कालक्रमानुसार लगाने का अर्थ है — पहले प्रत्येक मद को उसके अपने समय-लंगर से जोड़ना, फिर उन लंगर-वर्षों को आरोही क्रम में क्रमबद्ध करना।…
- A.
A, E, B, D, C
- B.
A, D, C, B, E
- C.
E, A, C, B, D
- D.
E, B, D, C, A
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Correct answer: C
संकल्पना:
किसी सूची को कालक्रमानुसार लगाने का अर्थ है — पहले प्रत्येक मद को उसके अपने समय-लंगर से जोड़ना, फिर उन लंगर-वर्षों को आरोही क्रम में क्रमबद्ध करना। भारतीय शिक्षा-इतिहास में किसी आयोग का परंपरागत लंगर उसके गठन/नियुक्ति का वर्ष होता है, और किसी नियामक संस्था का लंगर उसकी स्थापना का वर्ष। जब तक दो मदों के लंगर-वर्ष आपस में न टकराएँ, यह विधि सदैव एक ही अनुक्रम देती है।
अनुप्रयोग — प्रत्येक मद का लंगर-वर्ष:
मद | निकाय | लंगर-वर्ष |
|---|---|---|
A | माध्यमिक शिक्षा आयोग (मुदालियर आयोग) | 1952–53 |
B | कोठारी शिक्षा आयोग | 1964–66 |
C | यूजीसी की स्थापना | 1953 (1956 में वैधानिक दर्जा) |
D | चट्टोपाध्याय आयोग (राष्ट्रीय शिक्षक आयोग) | 1983–85 |
E | विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (राधाकृष्णन आयोग) | 1948–49 |
लंगर-वर्षों को आरोही क्रम में लगाना:
1948–49 — विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग (E): स्वतंत्र भारत का पहला शिक्षा आयोग, जिसने उच्च शिक्षा की रूपरेखा दी।
1952–53 — माध्यमिक शिक्षा आयोग (A): माध्यमिक स्तर के पुनर्गठन हेतु गठित।
1953 — यूजीसी की स्थापना (C): विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग की संस्तुति पर बना नियामक निकाय।
1964–66 — कोठारी शिक्षा आयोग (B): सम्पूर्ण शिक्षा-व्यवस्था की समीक्षा करने वाला आयोग।
1983–85 — चट्टोपाध्याय आयोग (D): शिक्षकों की स्थिति एवं सेवा-शर्तों पर केंद्रित राष्ट्रीय आयोग।
प्रति-परीक्षण:
आरोही वर्ष-श्रृंखला 1948 < 1952 < 1953 < 1964 < 1983 है, जिससे अनुक्रम E → A → C → B → D प्राप्त होता है। एक संभावित शंका यह है कि यूजीसी को वैधानिक दर्जा 1956 में मिला था; परंतु 1953 और 1956 दोनों ही तिथियाँ 1952–53 (A) के बाद और 1964–66 (B) से पहले पड़ती हैं, अतः C का स्थान किसी भी तिथि-परंपरा में नहीं बदलता — यही इस अनुक्रम की मजबूती की पुष्टि करता है।
अतः कालक्रमानुसार अनुक्रम है — E, A, C, B, D।